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खाद व्यापारियों को राहत: वापस होंगी प्राथमिकियां

राज्य के खाद व्यापारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियां वापस ली जायेंगी। भविष्य में जांच में गड़बड़ी पाये जाने पर ऐसे व्यापारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के पहले अधिकारियों को विभागीय प्रमुख की अनुमति लेनी होगी। अधिकारियों की स्वेच्छाचारिता पर रोक लगाने के लिए सरकार का यह अहम फैसला माना जा रहा है। कृषि विभाग की प्रधान सचिव दीपिका पड्डा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेजकर व्यापारियों के खिलाफ अब तक दर्ज प्राथमिकियों को वापस लेने का निर्देश दिया है।ड्ढr ड्ढr जांच के नाम पर व्यापारियों का दोहन करने वाले अधिकारियों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है कि बिना प्रधान सचिव की अनुमति के उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जायेगी। सरकार के इस नये फैसले से राजधानी पटना के अलावा पूर्णिया और समस्तीपुर के लगभग एक दर्जन ऐसे व्यापारियों को तत्काल लाभ मिलेगा जिनके खिलाफ कृषि निदेशक बी राजेन्दर द्वारा गठित अधिकारियों की टीम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सरकार का मानना है कि व्यापारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के पहले सक्षम पदाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। लिहाजा जिलाधिकारियों को आदेश दिया गया है कि ऐसी सभी प्राथमिकियां वापस ली जाएं।ड्ढr ड्ढr उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व कृषि निदेशक बी राजेन्दर ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों की एक टीम गठित की थी। टीम ने कई डीलरों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन तत्काल बाद विभाग में शिकायतें पहुंचने लगीं कि अधिकारियों को चढ़ावा नहीं देने के कारण व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। समस्तीपुर के डीलर ने तो 24 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप अधिकारियों पर लगाया। विभाग की प्रधान सचिव ने मामले की छानबीन कर यह निर्देश जारी किया है।

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