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आरआरडीए में नक्शा के नाम पर नया खेल

आरआरडीए में नक्शा के नाम पर नया खेल शुरू हो गया है। पूर्व टाउन प्लानर शंकर प्रसाद के दबाव पर किसी बिल्डर के रसिडेंशियल फ्लैट को बगैर फाइन के ही कमर्सियल में कन्वर्ट किया जा रहा है। तो किसी का बगैर अंचल रसीद के ही नक्शा पारित कर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं पिस्का मोड़ स्थित कुमुद कंसट्रक्शन के बिल्डर की मिली भगत से आरआरडीकर्मियों ने राजस्व के रूप में आठ लाख रुपये का चूना लगाया है। साथ ही रसिडेंसियल से कमर्सियल में कन्वर्ट करने के नाम पर खेल किया गया है। इसमें भी प्राधिकार को काफी नुकसान हुआ है। पिस्का मोड़ स्थित कुमुद कंसट्रक्शन नामक मल्टीस्टोरी का नक्शा संख्या 804 पारित कराया गया था। इसमें थर्ड और फोर्थ फ्लोर रसिडेंसियल था। परंतु बिल्डर ने अधिकारियों की मिलीभगत से दोनों फ्लोर को कमर्सियल करा लिया। वर्ष 2004 में प्राधिकार की ओर से कुमुद कंसट्रक्शन को जी प्लस सेवन पारित किया गया था। परंतु बिल्डर ने जी प्लस सेवन की जगह जी-आठ बना दिया। इतना ही नहीं परमीशन मिलने से पहले ही दो फ्लोर को होटल में तब्दील कर दिया। स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने इसकी शिकायत उपाध्यक्ष गोपाल दास से की। उनकी शिकायत पर उपाध्यक्ष ने स्पॉट विजिट किया। बावजूद इसके जी प्लस आठ को प्रपोज्ड दिखाकर (121407) पारित कर दिया गया। इससे प्राधिकार को आठ लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। एक अन्य खबर के अनुसार उपाध्यक्ष ने लालपुर स्थित एक बिल्डर से बगैर अंचल रसीद लिये ही उसका नक्शा पारित कर दिया। हालांकि इस नक्शा को जांच के लिए नगर विकास सचिव ने मंगा लिया है।ड्ढr जांच होगी और दोषी अभियंता नपेंगे : उपाध्यक्षड्ढr उपाध्यक्ष गोपाल दास ने प्राधिकार के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि भूषण शर्मा और सहायक अभियंता रमेश कुमार चौधरी से दो दिन के भीतर इस मामले में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मामला पकड़ में आने पर संबंधित बिल्डर से आर्थिक जुर्माना लिया जायेगा और साक्ष्य छुपानेवाले अभियंताओं पर कार्रवाई होगी। परंतु यह कैसे संभव है, जब उन्होंने खुद ही इस मामले की जांच की है।

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