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12 जुलाई, 2020|9:54|IST

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कीवी तूफान में ध्वस्त माही सेना

कीवी तूफान में ध्वस्त माही सेना

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों की शार्ट पिच गेंदों की कमजोरी का जबर्दस्त खुलासा करते हुए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के शुरुआती मैच में मंगलवार को भारत को 200 रन की शर्मनाक हार का कड़वा घूंट पिलाया जिससे वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में तीसरे स्थान पर भी खिसक गया।

न्यूजीलैंड ने टॉस जीतने के बाद खराब शुरुआत से उबरते हुए कप्तान रोस टेलर (95) और स्काट स्टायरिस (89) के बीच चौथे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की मदद से 48.5 ओवर में 288 रन बनाए लेकिन डेरेल टफी की अगुवाई वाले कीवी आक्रमण के सामने भारतीयों के लिए यह लक्ष्य जल्द ही एवरेस्ट से भी बड़ा हो गया और आखिर में पूरी भारतीय टीम 29.3 ओवर में 88 रन पर ढेर हो गई।

यह वनडे में छठा अवसर है जबकि भारतीय टीम 100 रन तक भी नहीं पहुंच पाई। न्यूजीलैंड के हाथों की उसकी यह सबसे करारी हार है जबकि चौथी बार वह 200 या इससे अधिक रन से पराजित हुई। भारत की तरफ से तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिसमें रविंदर जडेजा ने सर्वाधिक 20 रन बनाए जबकि न्यूजीलैंड की तरफ से डेरल टफी ने तीन तथा काइल मिल्स और जैकब ओरम ने दो-दो विकेट लिए।

मैच में किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि यह दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है और इसने हाल में इसी मैदान पर एशिया कप जीता था। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों की शार्ट पिच गेंद का भारतीय बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं दिया जिनमें से अधिकतर ने स्लिप क्षेत्र में कैच थमाए।

वीरेंद्र सहवाग (19) आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे जिन्होंने मिल्स की शरीर को निशाना बनाकर की गई शार्ट पिच गेंद पर पुल करने के प्रयास में विकेटकीपर गेरेथे होपकिन्स को कैच दिया। इसके तुरंत बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (14) टफी की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए जबकि इसी गेंदबाज के अगले ओवर में रोहित शर्मा (4) ने ऑफ स्टंप से बाहर जा रही शार्ट पिच गेंद पर पहली स्लिप में टेलर को कैच का अभ्यास कराया।

श्रीलंका में हाल में टेस्ट मैचों में धमाकेदार आगाज करने वाले सुरेश रैना (6) ने चौके से खाता खोला लेकिन वह भी टफी की शार्ट लेंग्थ गेंद पर स्लिप में कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। अब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (2) की बारी थी जिन्होंने बेमतलब का रन चुराने के प्रयास में अपना विकेट गंवाया। भारतीय वनडे टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह (5) ने 25 गेंद खेली लेकिन इस बीच वह असहज ही दिखे और आखिर में एंडी मैकाय की फुललेथ गेंद पर स्लिप में बहुत आसान कैच दे बैठे। प्रवीण कुमार भी स्लिप पर कैच देने वाले चौथे बल्लेबाज बने। इस बार गेंदबाज ओरम थे जिनकी शार्ट लेंग्थ गेंद प्रवीण को पसंद नहीं आई।

अभिमन्यु मिथुन (4) ने कुछ संघर्ष किया लेकिन उन्होंने भी ओरम की गेंद पर स्लिप में कैच थमाया। जडेजा 44 गेंद तक क्रीज पर डटे रहे लेकिन आखिर में केन विलियमसन ने उन्हें अपने कैरियर का पहला शिकार बनाया जबकि आशीष नेहरा के आउट होने से भारतीय पारी की इस दुखद कथा का अंत हुआ।

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 28 रन पर तीन विकेट गंवा दिए लेकिन टेलर (95) और स्टायरिस (89) ने इसके बाद लगभग 32 ओवर तक भारतीयों को सफलता नहीं मिलने दी। न्यूजीलैंड ने अंतिम सात विकेट हालांकि दस ओवर और 70 रन के अंदर गंवाए।

भारत की तरफ से नेहरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 47 रन देकर चार विकेट लिए। उन्हें साथी तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 43 रन देकर तीन विकेट चटकाए लेकिन रंगीरी दाम्बुला इंटरनेशनल स्टेडियम में भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा और रविंदर जडेजा प्रभाव छोड़ने में असफल रहे।

प्रवीण और नेहरा को शुरू में पिच से मूवमेंट मिल रहा था जिससे न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को उन्हें खेलने में परेशानी हुई। भारत को पहली सफलता प्रवीण ने पारी के तीसरे ओवर में ही मार्टिन गुप्टिल (11) को विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराकर दिलाई जो ऑफ स्टंप से अंदर की तरफ आती गेंद रक्षात्मक तरीके से खेलना चाहते थे लेकिन वह उनके बल्ले का किनारा लेकर धोनी के पास चली गई।

नेहरा ने छठे ओवर में पीटर इंग्राम (12) को पवेलियन की राह दिखाई जबकि प्रवीण ने मिडिल स्टंप से मूव करती बेहतरीन गेंद पर केन विलियमसन का आफ स्टंप उखाड़ा। अपना पहला वनडे मैच खेल रहे विलियमसन खाता भी नहीं खोल पाए।

टेलर और स्टायरिस ने यहीं से पारी संवारने का बीड़ा उठाया। टेलर शुरू से ही पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन स्टायरिस को पांव जमाने में थोड़ा समय लगा। उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू की कुछ विश्वसनीय अपीलें भी हुई जबकि धोनी ने उन्हें जीवनदान भी दिया। स्टायरिस जब 16 रन पर थे तब ओझा की गेंद पर धोनी ने उन्हें स्टंप आउट करने का आसान मौका गंवाया।

इन दोनों बल्लेबाजों ने अच्छी तरह पांव जमाने के बाद ढीली गेंदों को निशाना बनाया। दोनों को भारतीय स्पिनरों को खेलने में कोई दिक्कत नहीं हुई जिसके कारण धोनी को युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग की सेवांए भी लेनी पड़ी लेकिन वे भी नहीं चल पाए।

जब लग रहा था कि दोनों बल्लेबाज शतक पूरा करने में सफल रहेंगे तब ओझा ने स्टायरिस को बोल्ड करके उनकी साझेदारी तोड़ी। स्टायरिस ने ओझा के इस ओवर की पहली गेंद पर छक्का जमाया था लेकिन तीसरी गेंद एक्रास द लाइन खेलने के प्रयास में उनकी गिल्लियां बिखर गयी। स्टायरिस ने 95 गेंद खेली तथा नौ चौके और एक छक्का लगाया।

जैकब ओरम (14) ने जडेजा के एक ओवर में दो चौके जड़े लेकिन नेहरा ने उन्हें जल्द ही एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इस तेज गेंदबाज ने अपने अगले ओवर में टेलर को भी फुललेथ गेंद पर एलबीडब्ल्यू किया। टेलर की 113 गेंद की पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल है। निचले क्रम के बल्लेबाजों में डेरेल टफी ने 13 गेंद पर 19 रन बनाए।

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