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लक्ष्मण और सचिन का कमाल, भारत की जीत बेमिसाल

लक्ष्मण और सचिन का कमाल, भारत की जीत बेमिसाल

वेरी वेरी स्पेशल वीवीएस लक्ष्मण (नाबाद 103) के बेहद स्पेशल शतक और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (54) की विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्ण अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के आखिरी दिन शनिवार को पांच विकेट से बेमिसाल जीत हासिल कर तीन टेस्टों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।

लक्ष्मण और सचिन ने प्रतिकूल परिस्थितियों में धैर्य, संयम और दृढ़ता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए भारत को श्रीलंका में सीरीज हारने की हैट्रिक करने से बचा लिया। भारत ने पांच विकेट पर 258 रन बनाकर अंतिम टेस्ट अपने नाम करने के साथ ही श्रीलंका के सीरीज जीतने के मंसूबे पर पानी फेर दिया। लक्ष्मण के साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने नाबाद 41 रन की बहुमूल्य पारी खेली और चनाका वेलेगेदेरा की गेंद पर लांग आन के ऊपर से छक्का मारकर भारत को शाही अंदाज में जीत दिला दी।

मैच के चौथे दिन तक यही माना जा रहा था कि भारत तीन विकेट 53 रन पर गंवाने के बाद हार के कगार पर पहुंच चुका है। लेकिन भारत के इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने आखिर वह कारनामा कर दिखाया जिसकी भारत को इस मैच में पिछले पांच दिन से तलाश थी। भारत दूसरा टेस्ट सम्मानजनक तरीके से ड्रा कराकर पहले ही आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अपनी नंबर एक की बादशाहत बचा चुका था। लेकिन श्रीलंका में सीरीज हारने की हैट्रिक से बचने के लिए उसे आखिरी टेस्ट में जीत की जरूरत थी।
 
मैच के चौथे दिन भारत ने टेस्ट पर अपनी पकड़ बना ली थी, लेकिन तिलन समरवीरा और अजंता मेंडिस की साहसिक बल्लेबाजी और आखिरी घंटे में सूरज रणदीव की घातक गेंदबाजी ने भारत को संकट में डाल दिया था। भारत 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन के खेल की समाप्ति तक वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ और मुरली विजय के विकेट खोकर 53 रन ही बना पाया था। हालांकि मास्टर ब्लास्टर सचिन 11 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे और उनके साथ नाइट वाचमैन इशांत शर्मा दो रन पर नाबाद थे।
 
लक्ष्य हालांकि बड़ा नहीं था, लेकिन भारत को टर्न और उछाल लेती पिच पर धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने की जरूरत थी। एक भी खराब शाट भारत की उम्मीदों पर पानी फेर सकता था और सचिन तथा लक्ष्मण ने यही किया। सचिन भारत को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाते हुए अपना 56वां अर्धशतक बनाने के बाद आउट हुए। लेकिन मुश्किल समय में टीम इंडिया के संकटमोचक माने जाने वाले लक्ष्मण ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को आखिर लक्ष्मणरेखा पार नहीं करने दी।

वेरी वेरी स्पेशल के नाम से प्रसिद्ध लक्ष्मण ने अपना 16वां टेस्ट शतक ऐसी विपरीत परिस्थितियों में बनाकर भारत को जीत दिलाई जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे।
 लक्ष्मण ने 149 गेदों पर नाबाद 103 रन की मैच विजयी पारी में शानदार 12 चौके लगाए। सचिन ने 122 गेंदें खेलकर तीन चौकों की मदद से 54 रन बनाए। सातवें नंबर के बल्लेबाज रैना ने अपनी उम्र से ज्यादा परिपक्वता दिखाते हुए 45 गेंदों पर नाबाद 41 रन की अपनी पारी में चार चौके और मैच विजयी छक्का लगाया।

भारत की दूसरी पारी में गिरे पांचों विकेट ऑफ स्पिनर रणदीव के हिस्से में गए। दूसरे छोर से उन्हें किसी अन्य गेंदबाज का सहयोग नहीं मिला। श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा की रक्षात्मक क्षेत्ररक्षण नीति ने भी भारत का काम आसान किया। संगकारा ने मैच के सुबह के सत्र में रक्षात्मक क्षेत्ररक्षण लगाकर सचिन और लक्ष्मण को विकेट पर जमने का पूरा मौका दे दिया।

सचिन को हालांकि अपनी पारी के दौरान एक जीवनदान मिला, जब फारवर्ड शार्टलेग पर उनका कैच नहीं लपका जा सका। सचिन का यह कैच छोड़ना श्रीलंका के लिए अंतत: भारी साबित हुआ। मास्टर ब्लास्टर ने अपने विश्व रिकार्ड 169वें टेस्ट में लक्ष्मण के साथ भारत को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाने का जो बीड़ा उठाया, उसे उन्होंने पूरा कर दिखाया।

सचिन के लिए यह टेस्ट बेहद खास रहा। न केवल उन्होंने इस मैच में सर्वाधिक टेस्ट खेलने का विश्व रिकार्ड अपने नाम किया, बल्कि उन्होंने इस मैच में भारत को जीत दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सचिन के बाद लक्ष्मण की जितनी तारीफ की जाए कम है। लक्ष्मण ने धैर्य और आक्रामकता का अनूठा तालमेल दिखाते हुए श्रीलंका के स्पिनरों और तेज गेंदबाजों दोनों को हावी नहीं होने दिया। यह एक ऐसी पारी थी जो वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण ही खेल सकते थे। हालांकि अपनी शतकीय पारी के दौरान उनकी पीठ में उस समय खिंचाव आ गया था जब वह 60 रन पर थे।

मैदान में लक्ष्मण की पीठ की चोट का इलाज किया गया, मगर इस ब्रेक से सचिन की एकाग्रता भंग हुई और रणदीव की गेंद को स्वीप करने की कोशिश में वह विकेटकीपर प्रसन्ना जयवर्धने के हाथों लपके गए। रणदीव की लेग स्टंप के बाहर पड़ी गेंद सचिन के दस्तानों के निचले हिस्से को छूते हुए विकेटकीपर के हाथों में समा गई। भारत का पांचवा विकेट 171 के स्कोर पर गिरा।

भारत ने सुबह तीन विकेट पर 53 रन से आगे शुरुआत की। नाइट वाचमैन इशांत का विकेट जल्दी ही गिर गया। इशांत ने रणदीव की फ्लाइटेड गेंद को फ्लिक करने की कोशिश में शाट मिडविकेट पर संगकारा को कैच थमा दिया। इशांत चार रन बनाकर टीम के 62 के स्कोर पर आउट हुए। लेकिन इसके बाद सचिन और लक्ष्मण बड़े धैर्य के साथ खेलते हुए भारतीय पारी को आगे बढ़ाते रहे। उन्होंने एक भी जोखिम भरा शाट नहीं खेला। दोनों ही बल्लेबाजों ने सिंगल लेकर स्कोरबोर्ड की गति को बनाए रखा। संगकारा ने एक छोर से रणदीव को और दूसरे छोर से गेंदबाजों को बदल-बदल कर आजमाया मगर रणदीव को छोड़कर कोई अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पाया।

लंच तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 145 पहुंच चुका था। लक्ष्मण ने अपना अर्धशतक 81 गेंदों में चार चौकों की मदद से पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 109 रन की साझेदारी हो चुकी थी। लेकिन सचिन आखिर रणदीव का पांचवा शिकार बन गए। सचिन का आउट होना था कि पूरी श्रीलंकाई टीम खुशी से उछल पड़ी। उन्हें एक बार फिर जीत की उम्मीद नजर आने लगी। लेकिन शानदार फार्म में खेल रहे युवा बल्लेबाज रैना ने परिस्थिति को भांपते हुए कुछ उम्दा शाट खेले।

हालांकि क्रीज पर आने के साथ ही मलिंगा की गेंद पर उन्होंने एक तेज ड्राइव मारने की कोशिश की थी और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई पहली स्लिप पर खड़े क्षेत्ररक्षक के हाथों से छिटकती हुई सीमा रेखा के पार चली गई। भारत धीरे-धीरे जीत की मंजिल की तरफ बढ़ चला था। भारत के हर रन के साथ श्रीलंकाई गेंदबाज हतोत्साहित होते जा रहे थे। लक्ष्मण और रैना ने छठे विकेट के लिए 17 ओवर में तेज गति से 87 रन की अविजित साझेदारी कर भारत को जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया।

रैना ने आखिर जैसे ही वेलेगेदेरा की गेंद पर लांग ऑन के ऊपर से विजयी छक्का मारा, लक्ष्मण ने आकर इस युवा बल्लेबाज को गले लगा लिया। ड्रेसिंग रूम में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सचिन ने अन्य टीम साथियों के साथ शानदार जीत का जश्न बनाया।

श्रीलंका की अगस्त 1994 के बाद पी सारा ओवल मैदान में यह पहली पराजय थी जबकि भारत ने श्रीलंका में अपनी चौथी टेस्ट जीत हासिल की। निश्चित रूप से भारत ने टीम प्रयास से यह बेमिसाल जीत हासिल की।

श्रीलंका की इस हार पर पूर्व कप्तान सनत जयसूर्या ने त्वरित टिप्पणी की 'मैं संगकारा की कप्तानी की रणनीतियों और गेंदबाजी परिवर्तन से बुरी तरह निराश हुआ। इस जीत का सारा श्रेय भारत को जाता है।'

श्रीलंका की तरफ से रणदीव 29 ओवर में 82 रन पर पांच विकेट लेकर एकमात्र सफल गेंदबाज रहे। भारत की इस जीत के साथ तीन मैचों की यह सीरीज 1-1 से बराबर समाप्त हो गई। भारत ने गाले में पहला टेस्ट दस विकेट से गंवाया था जबकि सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था।

सीरीज के ड्रा हो जाने के बाद भारत और श्रीलंका अब दस अगस्त से न्यूजीलैंड के साथ त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेलेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट का आखिरी स्कोर इस प्रकार रहा।

श्रीलंका पहली पारी-425
भारत पहली पारी-436
श्रीलंका दूसरी पारी-267
भारत (दूसरी पारी) शुक्रवार के तीन विकेट पर 53 रन से आगे

मुरली - 27
वीरेन्द्र सहवाग - 00
राहुल द्रविड - 07
सचिन तेंदुलकर - 54
इशांत शर्मा - 04
वीवीएस लक्ष्मण अविजित - 103
सुरेश रैना अविजित - 41
अतिरिक्त - 22
कुल 68.3 ओवर में पांच विकेट पर 258

श्रीलंका की गेंदबाजी
गेंदबाज ओवर, मेडन, रन, विकेट
मलिंगा 12, 1, 49, 00
रणदीव 29, 3, 82, 05
मैथ्यूज 2, 0, 5, 00
वेलेगेदरा 8, 3, 2, 34, 00
मेंडिस 14.0.65.00
दिलशान 3, 0, 12, 00

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