DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डरना नहीं है

वह कभी-कभी परेशान हो जाते थे। उसकी कोई खास वजह भी नहीं ढूंढ़ पाते थे। एक अजीब किस्म का डर उन्हें सता रहा था। उनकी सेहत पर उसका असर पड़ने लगा था।
डॉ. इवा सेलहब मानती हैं कि हमारे डर से सेहत का एक रिश्ता होता है। और उस डर को दूर भगाने के लिए हमें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वह हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में पढ़ाती हैं। और बोस्टन के बेन्सन हेनरी इंस्टीटय़ूट में माइंड-बॉडी मेडिसिन से भी जुड़ी हुई हैं। ‘द लव रिस्पॉन्स’ उनकी बेहतरीन किताब है। यह डर को हटा कर एक प्यारा सा पॉजिटिव अंदाज बनाने पर जोर देती है।
क्या आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है? एक भारीपन सा महसूस हो रहा है। या आपके कंधे आगे की ओर झुकने लगे हैं। ये सब होता है, तब डॉ. इवा के मुताबिक समझ लेना चाहिए कि आपको कोई डर सता रहा है। हम जिंदगीभर डरते ही रहते हैं। कोई न कोई चीज हमें डराती रहती है। हमारी दुनिया तो डर की आदी हो गई है। उसे लगता है कि उसके बिना जिंदगी ही नहीं चलेगी। शायद इसीलिए ज्यादातर लोग दुनिया को डर से ही चलाना चाहते हैं। ये लोग जब दुनिया को डरा नहीं पाते, तो ईश्वर का डर खड़ा कर देते हैं। कितने फख्र से कहते हैं कि हम तो भगवान से डरने वाले लोग हैं।
असल में हमें डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई डर भी है तो उसे भगाने की जरूरत है। यह डर हमें बीमार कर सकता है। हमारे तन और मन को हिला सकता है। सो, उसका इलाज ढूंढ़ना चाहिए। सबसे पहले हमें देखना होगा कि वह डर आ कहां से रहा है? उसकी जड़ तक हमें पहुंचना होगा। वहां पहुंच कर ही हम उस डर का इलाज खोज पाएंगे। तो डरिए नहीं। डर से निजात पाने की कोशिश कीजिए।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:डरना नहीं है