अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ताज के पास निर्माण पर अदालत ने किया सवाल

दिल्ली को आगरा से जोड़ने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की यमुना एक्सप्रेसवे सड़क परियोजना में अवरोध उत्पन्न हो सकता है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने प्राधिकरणों द्वारा ताज महल के पास चार हजार से अधिक पेड़ों को काटकर निर्माण के लिए मंजूरी देने पर सवाल उठाया है।

ताज महले के पास पारिस्थितिकी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन [टीटीजेड] में 1990 के दशक से परियोजनाओं को मंजूरी दिये जाने पर शीर्ष न्यायालय नजर रख रहा है। न्यायालय ने कहा कि इस अदालत ने यह निर्देश दिया था कि टीटीजेड में सभी उपक्रमों को मंजूरी यह अदालत देगी।

शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट किया कि परियोजना को शुरू करने से पहले अनुमति जरूरी थी। अदालत ने इस बात पर निराशा जतायी कि उसके निर्देशों की अनदेखी की गयी। न्यायमूर्ति डी़क़े जैन और न्यायमूर्ति एच़एल़ दत्तू की पीठ ने कहा कि किस प्राधिकार ने आपको अनुमति दी। यहां तक कि टीटीजेड इलाके को छूने से पहले आपको अदालत से अनुमति लेनी थी। हम जानना चाहते हैं कि आपको अनुमति कैसे मिल गयी। पेड़ों को काटने की जो आप मांग कर रहे हैं, वह तो बाद में आएगी।

पीठ ने कहा कि सड़क का निर्माण क्षेत्र टीटीजेड में पड़ता है। इस अदालत के अलावा कोई मंजूरी नहीं दे सकता।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ताज के पास निर्माण पर अदालत ने किया सवाल