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तेज आर्थिक वृद्धि दर के लिए सुधार एजेंडा जरूरी: एसोचैम

तेज आर्थिक वृद्धि दर के लिए सुधार एजेंडा जरूरी: एसोचैम

उद्योग मंडल एसोचैम ने सतत रूप से नौ फीसद आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिये लंबित पड़े सुधार एजेंडे को लागू करने और बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने को कहा है।

एसोचैम ने कहा कि नौ फीसदी और उससे अधिक की दर से सतत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करना तभी संभव है जब आर्थिक माहौल में स्थिरता को बनाये रखा जाए तथा लंबित पड़े सुधार एजेंडे को लागू किया जाए।

उद्योग मंडल ने कहा कि राजकोषीय घाटा रोकने के लिये राजकोषीय अनुशासन बनाये रखने तथा कर प्रणाली में सुधार का देश की आर्थिक वृद्धि पर दीर्घकालीन प्रभाव होगा। वैश्विक आर्थिक संकट से घरेलू उद्योग को बचाने के लिये वर्ष 2008 के अंत से दिये गये प्रोत्साहन उपायों से केंद्र का राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बिगड़ गया। वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान राजकोषीय घाटे के तीन फीसदी का लक्ष्य बढ़कर 6.0 फीसदी से अधिक हो गया।

वित्त वर्ष 2009-10 में राजकोषीय घाटा बढ़कर 6.5 फीसदी हो गया। सरकार को चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे के 5.5 फीसदी पर रहने का अनुमान है। कर सुधार के मामले में केंद्र की अगले वित्त वर्ष से वस्तु एवं सेवा कर लागू करने की योजना है। एसोचैम ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी और बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाया जाना तथा श्रम कानून में सुधार कुछ ऐसे नीतिगत उपाय हैं जो वृद्धि को गति देने के लिये जरूरी है।

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  • Web Title:तेज आर्थिक वृद्धि दर के लिए सुधार एजेंडा जरूरी: एसोचैम