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'ऑनर किलिंग' पर विधेयक संसद के वर्तमान सत्र में: चिदंबरम

'ऑनर किलिंग' पर विधेयक संसद के वर्तमान सत्र में: चिदंबरम

सरकार ने गुरुवार को लोकसभा को आश्वस्त किया कि झूठी शान के लिए की जाने वाली हत्याओं (ऑनर किलिंग) को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए संसद के मौजूदा सत्र में एक विधेयक लाने का प्रयास किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने ऑनर किलिंग के बारे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास दासगुप्ता के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑनर किलिंग की रोकथाम के लिए कानून का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इस पर मंत्री समूह की रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। इसके बाद संसद में इस विधेयक को पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा संसद के मौजूदा सत्र में इस विधेयक को लाने का है। उन्होंने कहा कि ऑनर किलिंग सीधे तौर पर हत्या का मामला है और वर्तमान में यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय अपराध है।

चिंदबरम ने कहा कि ऑनर किलिंग हत्या है और वास्तव में इससे इज्जत नहीं बढ़ती बल्कि देश और समाज की बेइज्जती होती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है लेकिन यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि इससे सम्बंधित कानून को प्रभावी ढंग से लागू करें।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर खाप पंचायतों के कहने पर होने वाली ऑनर किलिंग के दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। अगर राज्य सरकारें कार्रवाई नहीं करती हैं तो उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे महिलाओं के प्रति हिंसा की समस्या से निपटने के लिए तंत्र के प्रभावी होने की विस्तृत समीक्षा करें और तथाकथित ऑनर किलिंग महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिए उचित उपाय करें।

इससे पूर्व दासगुप्ता ने कहा कि ऑनर किलिंग के नाम पर युवकों और खासतौर से दलितों की हत्याएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण खाप पंचायतों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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