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तमिलनाडु विवि क्लोनिंग से विलुप्तप्राय जीवों का अस्तित्व बचाएगा

तमिलनाडु विवि क्लोनिंग से विलुप्तप्राय जीवों का अस्तित्व बचाएगा

विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों को क्लोनिंग से जीवन की नई आशा मिलने से उत्साहित तमिलनाडु पशुचिकित्सा तथा प्राणी विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक केंद्रक हस्तांतरण प्रौद्योगिकी के माध्यम से अगले वर्ष तक ऐसे जंतुओं के क्लोन बनाने की तैयारी में है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी थंगाराजू ने कहा कि विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके जीवों को बचाने की कुंजी क्लोनिंग प्रौद्योगिकी में छिपी है। इनके डीएनए को अब भी निकाला जा सकता है और इसमें जीव के बारे में संपूर्ण सूचना छिपी होती है।

थंगाराजू ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकताओं में कुछ विलुप्तप्राय जीवों के अस्तित्व को बचाना शामिल है जिसके लिए तमिलनाडु पशुचिकित्सा तथा प्राणी विज्ञान विश्वविद्यालय (तानुवास) ने पहले ही उच्च प्रौद्योगिकीय प्रयोगशाला स्थापित कर दी है।

उन्होंने कहा कि एक दल का गठन कर दिया गया है और भेड़ों तथा खरगोशों की क्लोनिंग तकनीकों का मानक करने के लिए इसने काम शुरू कर दिया है।

इस प्रौद्योगिकी में एक संवर्धित कोशिका के केंद्रक से प्राप्त आनुवांशिक पदार्थ को प्राप्त करने वाली परिपक्व कोशिका में स्थानांतरित करना शामिल है। परिपक्व कोशिका का केंद्रक निकाल लिया गया था। इससे जो भी संतति तैयार हुई वे आनुवांशिक रूप से उस जंतु के समान थी जिनसे केंद्रक दान में लिया गया था।

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  • Web Title:तमिलनाडु विवि क्लोनिंग से विलुप्तप्राय जीवों का अस्तित्व बचाएगा