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आम चुनाव का मौसम, आम आदमी की बात

आम चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही सरकार आम लोगों को तरह-तरह से लुभाने में जुट गई है। सरकार चाहती है कि आर्थिक मंदी के दौर में पेश आ रही तमाम दिक्कतें एक अदद आशियाना बनाने के सपने पर भारी न पड़ें। इसीलिए देशभर में लाखों ऐसे मकान बनाने की योजना विचाराधीन है जो सिर्फ निम्न व कम आय वालों के लिए होंगे। बहरहाल, सरकारी कोशिशों का सबसे ज्यादा लाभ तो दिल्ली और एनसीआर में रहने वालों को मिलता दिख रहा है क्योंकि केंद्रीय शहरी मंत्रालय ये मन बना रहा है कि डीडीए योजनाओं पर सिर्फ दिल्ली में रहने या यहां काम करने वालों का हक होना चाहिए। डीडीए फ्लैट पर दिल्ली-एनसीआर का हक भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विजय गोयल ने कहा कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रड्डी ने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में डीडीए केवल उन्हीं लोगों से फ्लैटों के लिए आवेदन मांगेगा, जो दिल्ली या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (एनसीआर) में पिछले पांच साल से रह रहे हैं या दिल्ली में काम करते हैं। साथ ही रेड्डी ने डीडीए फ्लैटों के लिए आवेदन करने वाले साढ़े पांच लाख लोगों को तीन माह का ब्याज देने और सीलिंग रोकने के लिए संसद में अध्यादेश लाने का भी आश्वासन दिया। गोयल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि वह गुरुवार शाम जयपाल रड्डी से मिले थे और मांग की थी कि डीडीए के फ्लैट या प्लॉटों की स्कीम में केवल दिल्ली या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को ही भाग लेने की क्षाजत होनी चाहिए। इस पर जयपाल रड्डी ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। गोयल के मुताबिक उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि आवासीय स्कीम 2008 में डीडीए ने लगभग नौ हाार करोड़ रुपया इकट्ठा किया और लगभग 475 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में कमाए। इसलिए लोगों को भी उनकी जमा रकम का ब्याज मिलना चाहिए। गोयल ने बताया कि जयपाल रड्डी ने आश्वासन दिया कि लोगों को ब्याज वापस दिलाया जाएगा। भाजपा नेता ने बताया कि उन्होंने रड्डी से कहा कि सीलिंग और तोड॥फोड़ को देखते हुए एक अध्यादेश लाया जाना चाहिए और अब की बार यह राहत एक साल के लिए नहीं, बल्कि पांच साल के लिए होनी चाहिए। ताकि दुकानदारों और रिहाइशी इलाकों में रह रहे लोगों को राहत मिल सके। इस पर रड्डी ने वादा किया कि आगामी 12 फरवरी से शुरू हो रहे संसद के अधिवेशन में केंद्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाया जाएगा। गोयल के मुताबिक उन्होंने रड्डी को सौंपे पत्र में कहा है कि मास्टर प्लान 2021 में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि व्यावसायिक और रिहाइशी क्षेत्रों में क्या सही है और क्या गलत? ऐसे में केंद्र सरकार के अध्यादेश का खासा महत्व है। पार्षद फंड से सुधरंगी झुग्गियां अब पार्षद फंड से स्लम व झुग्गी बस्तियों में विकास कार्य किए जा सकेंगे। एमसीडी ने यह फैसला पहली बार लिया गया है। इससे यहां के लोगों के जीवन स्तर में खासा सुधार होगा। बजट अनुमानों में इस मद में 30 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। मेयर आरती मेहरा ने बताया कि अभी तक स्लम क्षेत्रों व कटरों में पार्षद फंड से विकास कार्य पर रोक थी क्योंकि इससे स्लम विंग को सामान्य विंग से अलग समझा जा सकता था। दोनों के वित्तीय स्रेत भी अलग थे। पार्षद सामान्य विंग के केवल उन्हीं विकास कार्यो को करा सकते थे जो समान्य विंग के क्षेत्रों में किये जाते थे। पार्षद ने इस मसले को उठाया। पार्षदों का कहना था स्लम के विकास में पार्षद फंड लगाने से तमाम समस्याएं दूर हो सकती हैं। मेयर ने बताया कि स्लम व झुग्गी झोपड़ी (ोजे) विभाग के लिए निगम पार्षद लोकल एरिया विकास फंड नामक खाता शीर्ष बजट अनुमानों में खोला गया है जिसके तहत स्लम और जेजे विंग को फंड उपलब्ध कराये जायेंगे। विकास कार्य पर खर्च होने वाला फंड सामान्य विंग से अनुदान के तौर पर स्लम व जेजे विंग को भेजा जायेगा। कार्य पूरा होने पर स्लम व जेजे विंग अलग-अलग प्रमाणपत्र देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी की आपत्तियों के बावजूद दिल्ली सरकार स्लम बोर्ड गठित करना चाहती है जिससे यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कम आयवालों का भी ख्याल केंद्र सरकार जल्द ही उस योजना को हरी झंडी दिखाने वाली है जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में निम्न या मध्यम आय वाले लोगों के लिए लाखों घर बनाए जाएंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ भारत के कैबिनेट सचिव की शनिवार को होने वाली बैठक में इस योजना पर चर्चा की उम्मीद है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन करीब 10 लाख घरों का निर्माण किस अवधि के दौरान और किन शहरों में किया जाएगा, लेकिन इससे मौजूदा अर्थव्यवस्था को एक भारी मदद मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि निम्न और मध्यम आय वाले लोगों के लिए आवास बनाने की इस सरकारी योजना के लिए मोटा धन केंद्र की ओर से आएगा। राज्य सरकारों को सस्ती दरों इस योजना के लिए जमीन उपलब्ध करानी होगी। योजना में कोई अड़चन न आए, इसलिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं से संबंधित नियमों में थोड़ी ढील लाई जा रही है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा था कि वे कम या मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए सस्ते आवास बनाने के काम में तेजी लाएं। पत्र में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही केंद्र सरकार एक योजना की घोषणा करने वाली है जिसके तहत विभिन्न राज्य सरकारं अपनी परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए बसों को खरीद सकेंगी।ं

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