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कांग्रेस के फैसले पर यूपीए में मचा बवाल

लोकसभा के अगले चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर यूपीए के घटक दलों के साथ कोई गठबंधन नहीं करने, यूपीए के बैनर और घोषणपत्र तले चुनाव नहीं लड़ने के कांग्रेस कार्य समिति के फैसले को लेकर सहयोगी दलों में भारी बेचैनी है। राजद अध्यक्ष, रल मंत्री लालू प्रसाद ने अपने सहयोगी केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर इस संबंध में बातें की जबकि यूपीए के एक अन्य घटक एनसीपी ने कहा है कि कांग्रेस को इस बात का जवाब देना होगा कि यूपीए के बैनर तले केंद्र में पांच साल तक सरकार चला सकते हैं तो अगला चुनाव इकठ्ठा होकर क्यों नहीं लड़ सकते। लालू प्रसाद ने सोनिया गांधी और उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ तकरीबन डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद कहा कि अगला चुनाव यूपीए के घटक और सहयोगी दल एकाुट होकर ही लड़ेंगे। उनके अनुसार मीडिया ने इस संबंध में कांग्रेस कार्य समिति के फैसले को गलत ढंग से पेश किया है। बकौल लालू सोनिया ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यादव के अनुसार राजद सहित सहयोगी दल कांग्रेस से अन्य राज्यों में भी सीटें मांग सकते हैं लेकिन कांग्रेस को जहां उचित लगेगा वहां हमें वह सीटें देगी। एनसीपी के महासचिव और प्रवक्ता डी पी त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन का धर्म, मर्म और कर्म नहीं समझती और अब शायद यूपीए का नेतृत्व नहीं करना चाहती।

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