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सरकारी अनुदान नाकाफी, अपने खर्च पर अभ्यास में जुटे पोंचा

सरकारी अनुदान नाकाफी, अपने खर्च पर अभ्यास में जुटे पोंचा

राष्ट्रमंडल खेलों की विदेश में तैयारी के लिए केंद्र सरकार से मिले 75 दिन के अनुदान को नाकाफी बताते हुए अर्जुन पुरस्कार विजेता तैराक रेहान पोंचा ने कहा है कि स्टेडियमों पर करोड़ों रूपये खर्च करने के साथ हर खेल की बेहतरी के लिए अधिक आवंटन ज़रूरी है।
      
लॉस एंजीलिस स्थित सदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में कोच डेविड सेलो के साथ अभ्यास में जुटे पोंचा ने कहा कि, सरकार ने मुझे 75 दिन की ट्रेनिंग स्कॉलरशिप पर यहां भेजा लेकिन मैं चार महीने से यहां हूं। 75 दिन में चमत्कार नहीं हो सकता। मेरे पिता मेरी ट्रेनिंग का खर्च उठा रहे हैं लेकिन मुझे शिकायत नहीं है क्योंकि एक अरब लोगों को मुझसे पदक की उम्मीद है।
    
इस ओलंपियन ने कहा कि प्रशिक्षण की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि भविष्य में खिलाड़ियों से जुड़े फैसले लेने वाले यदि पूर्व खिलाड़ी हों तो सही फैसले लिए जा सकेंगे। देश से 10 शीर्ष तैराकों को विदेश में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाना चाहिए था ताकि वे अंतरराष्ट्रीय तैराकों का सामना कर सकें। यदि हम विश्व स्तरीय स्टेडियम बनाने पर करोड़ों रूपये खर्च कर सकते हैं तो हर खेल की बेहतरी के लिए कुछ लाख और आवंटित किए जा सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 25 से अधिक पदक जीत चुके पोंचा ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में उनका सपना पदक जीतना है और वे भरसक प्रयास करेंगे।
    
उन्होंने कहा कि मेरा सपना पदक जीतना है और घरेलू दर्शकों के सामने मुझे मदद भी मिलेगी। मैं और बेहतर टाइमिंग निकालने की कोशिश कर रहा हूं। मैं राष्ट्रमंडल खेल और एशियाड में शीर्ष पांच में ज़रूर रहना चाहूंगा। लंदन ओलंपिक 2012 भी मेरा सपना है लेकिन मैं दीर्घकालिन लक्ष्य तय नहीं करता।
    
भारत में तैराकी की स्थिति से चिंतित पोंचा ने यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छे प्रदर्शन के ज़रिए इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में तैराकी लोकप्रिय नहीं है लेकिन हमें इसे बनाना होगा और दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल बेहतरीन अवसर है। इसी से खेल में पैसा भी आएगा। यह मेरे और मौजूदा तैराकों की जिम्मेदारी हैं कि अच्छे प्रदर्शन के ज़रिए भावी पीढ़ी के तैराकों का मार्ग प्रशस्त करें।
     
अमेरिका में तैयारी को बोनस बताते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पानी में अपना पावर इनपुट बेहतर किया है। टाइमिंग पहले से अच्छी आ रही है। मैं 200 मीटर फ्लाई और व्यक्तिगत मेडले के लिए भी अभ्यास कर रहा हूं।
    
अर्जुन पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए पोंचा ने कहा कि आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने की उम्मीद तो थी लेकिन यकीन नहीं था क्योंकि सिर्फ 15 लोग चुने जाते हैं। मुझे खुशी है कि मेरी मेहनत रंग लाई।

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