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कर निरीक्षकों व ऑफिस कर्मचारियों में विवाद

 नगर निगम के वसुंधरा जोन में चंद दिनों पहले कार्यालय में ही घमासान मच गया,राजस्व कर्मचारियों व चपरासियों में काम को लेकर तनातनी हो गई,हाथापाई की नौबत आ गई,मामला जोनल प्रभारी के सिर से गुजर गया तो नगरायुक्त के कैम्प कार्यालय में जाकर शांत हुआ। उन्होंेने पूरे मामले को सुना,फिर तत्काल ही आरोपी कर निरीक्षक समेत दोनों चपरासियों को कमाऊ जोन से तबादला कर दिया।


इस घटना के बाद से नगर निगम के अन्य जोनों में तैनात कर निरीक्षकों में जबरदस्त रोष है। मामला पांच दिन पुराना है लेकिन कर निरीक्षकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से कहीं बाबू तो कहीं कर निरीक्षकों के समतुल्य काम लिए जाने से उनमें रोष भी है। बताते हैं कि वसुंधरा जोन के कर निरीक्षक बनारसी से उसी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सुभाष यादव व बिनोद में किसी बात को लेकर तकरार हो गई। तकरार इतनी बढ़ी कि बात मूछों तक जा पहुंची,टैक्स सुपरिटेंडेंट नरेन्द्र यादव ने बीच बचाव किया लेकिन विवाद और गरमा गया। इसके बाद जोनल प्रभारी एमएन चतुर्वेदी के पास मामला पहुंचा लेकिन उन्हेने भी कोई सकारात्मक भूमिका नहीं निभाई तो कर निरीक्षकों ने मिलकर शिकायत नगरायुक्त बंसत लाल से कर दी।

नगरायुक्त ने दोंनों पक्षों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों का तबादला कर मामले को शांत कर दिया। उन्होंेने बताया कि तीनों को वहां से हटा दिया गया है। कर निरीक्षक बनवारी को वसुंधरा से मोहननगर एवं मोहननगर में तैनात कर निरीक्षक हरेकृष्ण को वसुंधरा में तैनात किया है। विवादों के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों बिनोद त्यागी को वसुंधरा से हटाकर विजयनगर जोन तो सुभाष यादव को कविनगर जोन में भेज दिया गया। कर निरीेक्षकों ने नाम न छापने पर बताया कि जोनल ऑफिस की राजनीति का ही यह परिणाम है कि कर निरीक्षकों की बात चतुथर्श्रेणी के कर्मचारी द्वारा न सुनने पर यह विवाद इतना तूल पकड़ गया। आरोप यह भी कि यही कर्मचारी टैक्स का भी काम देख रहे हैं।

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