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मुरादनगर गंगनहर पर कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबन्द

मंगलवार से कांवड़ मार्ग व हाईवे 58 पर कांवड़ियों का जनसैलाब उमड चुका है। हाईवे 58 पर दोनों ओर कांवड़ियों का आवागमन शुरू होने से यहां वनवे के साथ ही चौपहिया वाहनों को रोक लगानी शुरू कर दी है। इधर मुरादनगर गंगनहर पर कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

प्रशासन द्वारा हाईवे पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। जो कांवड़ियों के स्नान स्थल से दूर तक गंगनहर को कैद किये हुए है। कैमरे के मोनीटर हाईवे के दूसरी ओर लगाये गये है जहां पर प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैदी से तैनात है। इसके अलावा नहर में जाल बिछाया गया है तथा ट्रक व बसों के टायरों की टयूब के साथ नाव व मोटरबोट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पीएसी के गोताखोरों समेत दो अलग-अलग विभागों के दो दजर्न से अधिक गोताखोर तैनात किये गये है। एसपी देहात कैप्टन एम.एम बेग ने दावा किया है कि नहर में होने वाले हादसे से तत्काल निपटने के लिए उनकी टीम पूरी तरह मुस्तैद है।

इधर कांवड़ मार्ग के साथ हाईवे 58 पर उमड़े कांवड़ियों के जनसैलाब के चलते प्रशासन ने मोदीनगर हाईवे को वनवे करते हुए मंगलवार से चौपाहिया वाहनों को बंद कर दिया है। जिसके चलते गाजियाबाद व मेरठ अपने निजी चौपाहिया वाहनों से जाने वाले लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कांवड़ मार्ग पर पहली बार निवाड़ी पुल, सौंदा व अबुपूर के पास स्वागत द्वार बनाए गए है।

सीओ अनिल कुमार पांड़े ने बताया कि चार अगस्त की रात से हाईवे पर कांवड़ियों को छोडकर बाकी वाहनों को आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन के आकड़ों के अनुसार मंगलवार को पचास हजार से अधिक कांवड़िया कांवड़ लेकर यहां से दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा के लिए गुजरा है।
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कांवड़ मार्ग पर भांग रगडते नजर आए कांवड़िया
प्रशासन के लाख दावों के बाद भी कांवड़ मार्ग पर भांग के पेड नजर आए जिन पर कांवड़ भांग  रगडते भी देखे गये। निवाडी से मुरादनगर जाने वाले सौंदा पुल से पहले बॉय हाथ पर भांग के पेड लगे हुए है। जबकि इन पेडों के पास ही सेवा शिविर के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का कैम्प भी लगा है।

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