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पद की दौड़ में पिछड़ गए कई दिग्गज

भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में पद की दौड़ में कई दिग्गज पिछड़ गए। सूबे के अध्यक्ष ने शहर से दो लोगों को अपनी कार्यकारिणी में पद दिया है तो अधिकांश को सदस्य से संतुष्ट कर दिया गया है। कई बड़े नेताओं को इससे मायूसी हाथ लगी है।

शाही की कैबिनेट में गाजियाबाद के कई लोगों के समायोजन की चर्चा थी। क्षेत्रीय अध्यक्ष रही लज्जारानी गर्ग को प्रदेश में उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके सहारे भाजपा ने वैश्य और महिला कोटा साधा है तो दो बार हापुड़ से चुनाव हार चुके राजेंद् कुमार को बड़े नेताओं से नजदीकी का लाभ मिला है। उन्हें प्रदेश मंत्री बनाया गया है। खेकड़ा से विधायक रहे रूप चौधरी को क्षेत्रीय प्रवक्ता बनाकर भाजपा ने गुज्जर वोट साधने का प्रयास किया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी, सुनीता दयाल आशा शर्मा, विधायक सुनील शर्मा को सदस्य से संतोष करना पड़ा। महापौर दमयंती गोयल और अतुल गर्ग को कोई पद नहीं मिला है। अंत तक दोनों नाम दौड़ में थे, लेकिन गाजियाबाद में संगठन ने पुराने समीकरण बरकरार रखे। दोनों वैश्य नेताओं को छोड़कर मेरठ के सतप्रकाश अग्रवाल को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया।

इसके अलावा राजनाथ सिंह के नजदीकी वाई.पी.सिंह और अशोक मोंगा को भी शाही ने अपनी कार्यकारिणी में जगह नहीं दी है। दलित सभासद रहे मनोज बाल्मीकि की दावेदारी भी पार्टी ने नजरअंदाज कर दी। स्थानीय भाजपाई सांसद राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की ताजपोशी को भी अपने कोटे में गिन रहे हैं। गाजियाबाद के जाट नेताओं को नई कार्यकारिणी से मायूसी हाथ लगी है। आशु वर्मा, राजा वर्मा, कर्णदेव सिंह, कृष्णवीर सिरोही को आउट रखा गया है। कार्यकारिणी से साफ है कि शाही ने सभी बड़े नेताओं को संतुष्ट रखने का प्रयास किया है।

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