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अब सोन मछली माहशीर की प्रजाति के अस्तित्व पर आफत

हिमालय के निचले इलाके में पायी जाने वाली मछली की प्रजाति गोल्डन माहशीर के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हाल के एक अध्ययन में कहा गया है कि अंधा धुंध मत्स्य आखेट और जल प्रदूषण के कारण यह खतरा उत्पन्न हुआ है।

माहशीर संरक्षण परियोजना द्वारा कराये गये अध्ययन में कहा गया कि चटटानों के खनन,  नदी किनारे की बस्तियों से प्रदूषण,  बांध बनाने के लिए नदियों को डायनामाइट से उड़ाने से इन प्रवासी जीवों के जीवन पर खतरा उत्पन्न हो गया है। विकसित होने पर ये मछलियां छह फुट तक बड़ी हो सकती हैं। इस परियोजना में भाग लेने वाले पर्यावरण विज्ञानी जो एल राइट ने कहा कि माहशीर के मत्स्य आखेट के लिए नदी क्षेत्र में डाइनामाइट का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। नेशनल ब्यूरो आफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज ने माहशीर को 1992 में ही लुप्तप्राय प्रजाति घोषित कर दिया था।

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  • Web Title:अब सोन मछली माहशीर की प्रजाति के अस्तित्व पर आफत