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सारा ओवल में भी पहला दिन रहा श्रीलंका के नाम

सारा ओवल में भी पहला दिन रहा श्रीलंका के नाम

कप्तान कुमार संगकारा सहित तीन बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों से श्रीलंका ने पी सारा ओवल की पिच से गेंदबाजों को मिल रही मदद के बाजवूद भारत के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच के पहले दिन मंगलवार को अच्छे स्कोर की तरफ कदम बढ़ाए।

संगकारा (75), उप कप्तान महेला जयवर्धने (56) और तिलन समरवीरा (नाबाद 65) ने अर्धशतक जमाए जिससे श्रीलंका ने खराब रोशनी के कारण लगभग तीन ओवर पहले समाप्त कर दिए गए पहले दिन के खेल में चार विकेट पर 293 रन बनाए।

पिछले मैच से उलट पी सारा ओवल की पिच से गेंदबाजों को भी मदद मिल रही है जिससे गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कुछ अच्छी जंग देखने को मिली। भारत की तरफ से अब तक बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 78 रन देकर दो विकेट लिए हैं। उनके अलावा ईशांत शर्मा को एक विकेट मिला।

समरवीरा ने अब तक बेहद संयमभरी पारी खेली है जिसमें उन्होंने 143 गेंद का सामना करके छह बार गेंद सीमा रेखा पार भेजी। उनके साथ दूसरे छोर पर आलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज 26 रन बनाकर खेल रहे हैं। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए अभी तक 52 रन की अटूट साझेदारी की है।

संगकारा के लगातार तीसरे मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के बाद भारत पहले सत्र में दोनों सलामी बल्लेबाजों तिलकरत्ने दिलशान (41) और तरांगा परानविताना (8) को आउट करने में सफल रहा, लेकिन इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज श्रीलंका पर दबाव बनाने में असफल रहे। परानविताना को दिन के चौथे ओवर में ही इशांत की गेंद पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने कैच किया जबकि दिलशान लंच से कुछ देर पहले रन आउट हुए।

युवराज सिंह पर तरजीह पाने वाले सुरेश रैना अगर अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर यदि शुरू में ही संगकारा का कैच नहीं छोड़ते तो श्रीलंका दबाव में आ जाता। मिथुन की गेंद संगकारा के बल्ले का किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़े वीवीएस लक्ष्मण की ओर गई लेकिन रैना बीच में गोता लगाकर गेंद को लपकने की कोशिश की और उन्होंने बेहतरीन मौका गंवा दिया।

भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत और मिथुन सुबह के सत्र में बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से रोकने में सफल रहे लेकिन एक बार लय हासिल करने के बाद श्रीलंका के बल्लेबाजों ने कुछ अच्छे शाट खेले। दिलशान ने ईशांत पर दो चौके जड़े जबकि संगकारा ने चोटिल हरभजन सिंह की जगह टीम में शामिल किए गए अमित मिश्रा पर चौका और छक्का मारा। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 87 रन जोड़े। मुरली विजय के बेहतरीन क्षेत्ररक्षण से यह साझेदारी टूटी।

ओझा की गेंद खेलने के बाद दिलशान यह सोचकर क्रीज से बाहर निकल आए कि सिली प्वाइंट पर खड़े विजय गेंद नहीं रोक पाएंगे। विजय ने हालांकि गेंद रोककर धोनी की ओर बढ़ा दी जिन्होंने स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की। दिलशान ने 70 गेंद की अपनी पारी में चार चौके मारे।

संगकारा ने जीवनदान मिलने के बाद बड़ी सहजता से रन बटोरे। उन्होंने मिश्रा के बाद ओझा की गेंद भी छह रन के लिए भेजी। उन्होंने मिथुन को भी निशाना बनाया लेकिन लंबे शाट खेलने के प्रयास में ही वह अपना संयम खो बैठे और उन्होंने भारतीयों को अपना विकेट इनाम में दे दिया। संगकारा ने ओझा की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में लांग आन पर खड़े वीरेंद्र सहवाग को कैच दे बैठे।

संगकारा ने अपनी पारी में 114 गेंद खेली तथा दो छक्के और पांच चौके लगाए। उन्होंने महेला जयवर्धने के साथ तीसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी की। जयवर्धने ने भी सहजता से अपनी पारी आगे बढ़ाई लेकिन गाले या एसएससी की तरह पी सारा ओवल का मैदान फिर से उनके लिए बहुत भाग्यशाली नहीं रहा और वह अर्धशतक जमाने के बाद पवेलियन लौट गए।

जयवर्धने स्पिनर ओझा की सीधी गेंद को रक्षात्मक रूप से खेलने के लिए आगे बढ़े लेकिन वह उनके बल्ले पर नहीं लगी और एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। हाक आई से हालांकि लग रहा था कि गेंद मिडिल स्टंप से ऊपर से बाहर निकल रही थी। जयवर्धने ने 154 गेंद खेली तथा तीन चौके लगाए। उन्होंने इस बीच समरवीरा के साथ लगभग 30 ओवर में 84 रन की साझेदारी भी की।

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