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मलेशिया में 40 हजार भारतीय लापता, आगमन वीजा रद्द

मलेशिया ने भारतीयों के लिए आगमन वीजा (वीओए) सुविधा को रद्द कर दिया है। मलेशिया के उप प्रधानमंत्री मुहाइद्दीन यासीन ने कहा कि भारत से यहां आने वाले 40 हजार लोगों द्वारा इसके दुरुपयोग और उनके लापता होने के चलते यह कदम उठाया गया है।

वीओए सुविधा के दुरुपयोग के मामले में भारतीय सबसे आगे हैं। यह सुविधा आठ दक्षिण एशियाई देशों और चीन के लोगों के प्राप्त है। समाचार पत्र 'द स्टार' ने मंगलवार को उप प्रधानमंत्री के हवाले से लिखा है कि यह सुविधा स्थाई तौर पर रद्द कर दी गई है।

विदेशी कामगारों और अवैध अप्रवासियों के मसले पर हुई कैबिनेट समिति की बैठक में इसे रद्द किए जाने की जरूरत महसूस की गई, क्योंकि इससे देश के लिए कई समस्याएं पैदा हो रही हैं।

समिति की बैठक की अध्यक्षता के बाद यासीन ने कहा, ''पहले हमने कई राष्ट्रों को इस मामले में छूट दे रखी थी। यदि वीजा के बगैर उनके नागरिक यहां आते हैं तो उन्हें प्रवेश स्थल पर ही वीजा जारी किया जा सकता था।''

उन्होंने कहा, ''हमने देखा कि इसका दुरुपयोग हो रहा है। इससे हम (कैबिनेट समिति) वीओए सुविधा को रद्द किए जाने पर सहमत हुए।'' भारत से इतर चीन, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, ताइवान और कोमोरोस के पर्यटकों के लिए यह सुविधा बढ़ाई गई है।

वर्ष 2006 में शुरू की गई इस योजना के दुरुपयोग के काफी मामले सामने आने बाद इस साल फरवरी में भारत से आने वाले लोगों के लिए यह सुविधा निलंबित कर दी थी क्योंकि इसके दुरुपयोग के सबसे ज्यादा मामले भारतीयों के खिलाफ थे।

मलेशिया में करीब 17 लाख भारतीय हैं। ज्यादातर के साथ खुद को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने की समस्या है। इस मामले में चुनाव आयोग के उपाध्यक्ष वान अहमद ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण खतरनाक, महंगा और अनावश्यक है।

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