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स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईंच, मरीचाों में त्राहि-त्राहि

भागलपुर समेत पूर्व बिहार, कोसी, औरंगाबाद, आरा, बिहारशरीफ, बेगूसराय, नवादा, जहानाबाद, सीवान, गोपालगंज, छपरा और समस्तीपुर में अराजपत्रित कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हुई हैं। कर्मचारियों के अभाव में अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्था चरमरा गई है। कई जगह आउटडोर भी बंद हैं। हड़ताल के बहाने कहीं-कहीं डाक्टर भी नहीं आ रहे हैं। मरीा परेशान हैं।ड्ढr ड्ढr उधर भागलपुर के जेएलएनएमसीएच में तो शुक्रवार की रात प्रसव के बाद समुचित देखभाल के अभाव में महिला की मौत हो गई। गोड्डा से आई निशा देवी का आपरशन के जरिए प्रसव कराया गया था लेकिन उसके बाद नर्स और अन्य कर्मचारियों के अभाव में उसकी सही ढंग से देखभाल नहीं हो सकी। आउटडोर में भी ताला लटका हुआ है। ’हिन्दुस्तान’ की पहल पर डाक्टर खुले आसमान के नीचे बैठकर रोगियों को देख रहे हैं लेकिन दवा नहीं मिल रही है। दवा भंडार बंद है। जांच और एक्सर के काम ठप है। बांका सदर अस्पताल में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां रोगी भी नहीं आ रहे हैं। मुंगेर के सदर अस्पताल में ताले लटक रहे हैं। आउटडोर भी बंद है। पूर्णिया में हड़ताल के कारण अस्पतालों में रोगी नहीं आ रहे हैं। ओपीडी भी नहीं चल रहा है। सुपौल, किशनगंज और मधेपुरा जिलों में भी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवा बुरी तरह प्रभावित है।ड्ढr ड्ढr सहरसा सदर अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ाने के बाद डीएम आर. लक्ष्मण ने हस्तक्षेप किया और डाक्टरों को अस्पताल की कमान संभालने का निर्देश दिया है। औरंगाबाद से नि.सं के अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और न तो मरीाों का इलाज हो रहा न दवाएं मिल रही हैं। सदर अस्पताल सहित जिले के तमाम सरकारी अस्पतालों में ताले लटके हैं तथा मरीा निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के रहमोकरम पर हैं। आरा से ए.सं.के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक की स्थिति चरमरा गई है। बिहारशरीफ से न.सं.ए.प्र.के अनुसार अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। मरीजों को परशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों के अभाव में भर्ती मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिलने में बाधा पहुंच रही है। बेगूसराय से ए.सं.के अनुसार सदर अस्पताल समेत ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर हड़ताल के कारण मरीाों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। नवादा से हि.सं.के अनुसार हड़ताल ने स्वास्थ्य महकमे की कमरतोड़ दी है। स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सदर अस्पताल तक में सन्नाटा पसरा है।ड्ढr ड्ढr जहानाबाद से हि.सं. के अनुसार हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवा बुरी तरह चरमरा गई है। सदर अस्पताल समेत दो रफरल व सात पीएचसी में मरीाों की संख्या में भारी कमी आई है। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. अजय प्रताप ने बताया कि संविदा पर बहाल एएनएम व अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। सीवान से ए.सं. के अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवा पर कुप्रभाव पड़ा है। सदर अस्पताल को छोड़कर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा सेवा लगभग ठप है। नतीजतन आने वाले मरीाों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। हड़ताल की वजह से मरीा प्राइवेट क्लीनिक व नर्सिग होम में जाकर आर्थिक शोषण के शिकार हो रहे हैं। गोपालगंज और बक्सर से ए.प्र. के अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर पड़ा है। ओपीडी में जहां काम ठप हो गया है, वहीं ममताकर्मियों से लिया जा रहा काम। समस्तीपुर से ए.सं. के अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी हैं। कल तक सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले मरीा निजी क्लीनिकों का रूख कर चुके हैं।ं

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