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पहनिए ग्रॉस्युलराइट ताकि दोस्त मिलते रहें

पहनिए ग्रॉस्युलराइट ताकि दोस्त मिलते रहें

गारनेट नगीने की एक खास किस्म है ग्रॉस्युलराइट। एक अन्य स्टोन टुर्मलीन के रंग से मिलता-जुलता हरा रंग समेटे हुए है ग्रॉस्युलराइट। यह पारदर्शी और गैर-पारदर्शी दोनों रूपों में मिलता है। इसका एक और नाम ग्रॉस्युलर गारनेट भी है। नामकरण ग्रीक फल गूसबैरी से हुआ, क्योंकि ग्रॉस्युलराइट का रंग और रूप अक्सर गूसबैरी से मेल खाता है।

ग्रॉस्युलराइट सेहत पर कमाल दिखाता है। लम्बे समय तक इसका साथ शरीर के सिस्टम, खासतौर से दिल और जिगर को दुरुस्त रखता है। लोक मान्यताओं के मुताबिक, ग्रॉस्युलराइट क्रिस्टल हीलिंग करने के तौर पर आगे रहा है। घाव-जख्म फटाफट भरने, आर्थराइटिस ठीक करने, गुर्दे की दुरुस्ती, त्वचा चंगी करने और विटामिन ए पचाने के लिए जोरदार भूमिका निभाता है। दिल का ख्याल तो रखता ही है।

फेंग्शुई का मानना है कि ग्रॉस्युलराइट दोस्ती को और गहरा करता है। इसे एक-दूसरे को देने-लेने से तय होता है कि दोस्त फिर जरूर मिलेंगे। दूसरे शब्दों में कहें, दोस्त बार-बार मिलते रहें और दोस्ती जारी रहे तो ग्रॉस्युलराट पहनना खास अनुभव प्रदान करता है।

ग्रॉस्युलराइट जिन्दगी के चुनौतीपूर्ण दौर में खासा मददगार साबित होता है। आत्मबल का संचार करता है और चुनौतियों को स्थिर रखता है। कोर्ट-कचहरी के चक्करों से भी बाहर निकालता है। और तो और पहनने वाले या वाली के मन में सेवा और सहयोग का जज्बा भरने में भी कारगर है। नेगेटिव या नकारात्मक माहौल से निकाल कर पॉजिटिव यानी सकारात्मकता की ओर रुख करवाता है और विचारों में खुद-ब-खुद स्पष्टता आने लगती है। नतीजतन शारीरिक और भावनात्मक बिखराव ठहर जाता है। यानी इसमें एनर्जी भरने की ढेरों खूबियां समाई हैं।

उधर जेम्स रे थैरेपी भी ग्रॉस्युलराइट का गुणगान करते नहीं थकती। हड्डियों से जुड़ी तमाम तकलीफों की रोकथाम या चंगा करने के लिए ग्रॉस्युलराइट को त्वचा से छूकर पहनने की सलाह दी जाती है। औरत और मर्द की फर्टिलिटी को बढ़ाता है यह। इस प्रकार यदि पति-पत्नी के शिशु जन्म में बाधा उत्पन्न हो रही है या देरी हो रही है तो इसके साथ मेडिटेशन करना, खासतौर पर फायदेमंद रहता है।

ग्रॉस्युलराइट के हरे रंग में बीच-बीच में मैगनेराइट मिनरल से काले धब्बे उभरते हैं, पारदर्शी ग्रॉस्युलराइट को टस्वोराइट कहते हैं। यही उत्तम क्वालिटी है और इसी का जेम्स स्टोन्स की भांति कटिंग-पॉलिश के बाद गहनों में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि गैर-पारदर्शी ग्रॉस्युलराइट से सजावटी सामान बनाया जाता है। यह कनाडा, श्रीलंका, पाकिस्तान, रूस, तन्जानिया, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका और केन्या से सारी दुनिया में पहुंचता है। ज्यादा मंहगा नहीं है- अमूमन 80 से 100 रुपए प्रति कैरेट (0-20 मिलीग्राम) भाव में मिलता है। तो देर किस बात की? खरीदिए और पहनिए ग्रॉस्युलराइट।

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  • Web Title:पहनिए ग्रॉस्युलराइट ताकि दोस्त मिलते रहें