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टी20 से टेस्ट में आई आक्रामकता :सचिन

टी20 से टेस्ट में आई आक्रामकता :सचिन

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का मानना है कि टी20 के आने से क्रिकेट में काफी बदलाव आया है और इससे टेस्ट क्रिकेट में अधिक आक्रामकता आ गई है।
 
श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में मैदान पर उतरने के साथ की सबसे अधिक 169 टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड बनाने वाले सचिन ने नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था और तब से अब तक लगभग 21 वर्ष लंबे करियर में कई परिवर्तनों के साक्षी रहे।
 
सचिन ने कहा कि इस लंबे अरसे में मैं कई परिवर्तनों का साझेदार बना। वनडे में कई बदलाव हुए और टी20 की भी शुरुआत हुई। टी20 के कारण टेस्ट क्रिकेट अधिक आक्रामक हुआ है।
 
मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि मुझे लगता है कि अब टेस्ट मैचों में बल्लेबाज़ अधिक खुलकर खेलने लगे हैं और यह वनडे तथा हाल में आए टी-20 का परिणाम है। इसी वजह ने खिलाड़ी अब नए प्रयोग करने और जाखिम उठाने से भी पीछे नहीं हटते।

अपने पहले टेस्ट को याद करते हुए सचिन ने कहा कि मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि मुझे टीम में खेलाया जाएगा क्योंकि इससे पहले मैंने घरेलू क्रिकेट के केवल एक सत्र में भाग लिया था हालांकि उसमें मैंने रन बनाए थे। लेकिन प्रथम श्रेणी गेंदबाजों और वसीम अकरम, वकार यूनुस, इमरान खान तथा अब्दुल कादिर जैसे गेंदबाजों का सामना करने में बहुत अंतर है।
 
उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि शायद यह मेरा पहला और आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट होगा लेकिन सौभाग्य से मुझे फिर मौका मिला और दूसरे टेस्ट में मैंने रन बनाए। उसके बाद मुझमें विश्वास जागा और आज मैं यहां हूं।

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