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‘विज्ञान स्कूल स्तर पर मजबूत हो’

सूबे में विज्ञान के विकास के लिए कार्यक्रमों को और तेज करना होगा। सरकार के स्तर पर प्रयास हो रहे हैं लेकिन उसका असर ज्यादा नहीं दिख रहा है। विज्ञान समाज की जरूरत माना जाता है और इसको स्कूल स्तर पर ही मजबूत करना होगा। वैज्ञानिक प्रयोगों की कम होती संख्या अब परशानी में डाल रही है। बिहार ब्रेंस डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा शुक्रवार को बिहार से बेहतर वैज्ञानिक तैयार करने और विज्ञान के छात्रों को मंच देने के लिए कॉलेज ऑफ कामर्स में द्वितीय बिहार साइंस कांग्रेस शुरू हुई।ड्ढr ड्ढr कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह ने कहा कि स्कूल व कॉलेज स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार के स्तर पर कई योजनाएं चल रही हैं। साइंस कांग्रेस से छात्रों को विश्व स्तर के वैज्ञानिकों के शोध व विचार जानने को मिलेंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डा. सुभाष प्रसाद सिन्हा ने की । कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. जनेंद्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।तकनीकी सत्र में नासा में मुख्य तकनीकी अधिकारी डा. यूएन सिंह ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। डा. आरके मिश्रा ने कहा कि गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से सबसे अधिक प्रदूषण होता है और इसको दूर करने के लिए विश्व स्तर पर एक सोच विकसित करने की जरूरत है। पटना विवि भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजमणि प्रसाद सिन्हा ने कहा कि निरंतर शोध प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। इस मौके पर मंत्री ने कॉलेज की पत्रिका विमर्श, कांफ्रेंस की ऑब्सट्रैक्ट व सोवेनियर और जेपी लाल लिखित पुस्तक हाऊ टू गेट ए जॉब का विमोचन किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. संतोष कुमार ने किया। इस मौके पर डा. डॉली सिन्हा, डा. विनोद कुमार मंगलम, डा. मनोज कुमार, डा. बिराू प्रसाद शर्मा समेत कई शिक्षक उपस्थित थे।

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