DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैसे चुना जाएगा अगला दलाई लामा

दलाई लामा पिछले दिनों जब अपना 75वां जन्म दिन मना रहे थे तो चीन ने यह कहना शुरू कर दिया कि दलाई लामा बहुत बूढ़े हो गए हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है, अत: समय आ गया है जब इस बात पर विचार किया जाए कि अगला दलाई लामा कौन होगा? हालांकि इस उम्र में भी दलाई लामा चुस्त-दुरुस्त हैं और साल में कम से कम छह महीने संसार के विभिन्न देशों की यात्रा करते हैं।

भारत और अमेरिका में दलाई लामा के अनेक शुभचिंतकों ने दलाई लामा और साम्यवादी चीन से बार-बार यह आग्रह किया है कि वे मिल-बैठकर तिब्बत की समस्या का कोई समाधान खोजें। दलाई लामा के प्रतिनिधियों और चीनी सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पिछले कुछ वर्षो में कम से कम एक दर्जन बैठकें हुई हैं, परंतु उसका कोई नतीजा नहीं निकला है।

गत वर्ष जब यह बैठक हुई तब चीनी सरकार के प्रतिनिधियों ने यह कहा कि सन् 2008 में तिब्बत में लामाओं ने जो विद्रोह किया था, उसके पीछे दलाई लामा का हाथ था। उन्होंने ही इन लामाओं को भड़काया था कि वे चीन की सरकार के खिलाफ उठ खड़े हों। इस पर दलाई लामा के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सरासर झूठ है। यदि वे ऐसा आरोप लगाते हैं तो इसका कोई न कोई सबूत तो होगा ही।

परंतु चीनी सरकार के प्रतिनिधि कोई सबूत नहीं दे सके और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए यह बैठक समाप्त हो गई। अब चीन सरकार के प्रतिनिधियों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि अब समय आ गया है जब इस बात पर विचार किया जाए कि अगला दलाई लामा कौन होगा? साम्यवादी चीन के नेता पूरी तरह नास्तिक हैं और पु्र्नजन्म में विश्वास नहीं करते हैं।

साधारणत: विदेशी पत्रकारों को तिब्बत में घूमने की आजादी नहीं है, परंतु हाल में हाओ पेंग नाम के एक वरिष्ठ पदाधिकारी जो कम्युनिस्ट पार्टी के उप-प्रधान भी हैं और ‘तिब्बत ऑटोनोमस रीजन’ के वायस चेयरमैन हैं, उन्होंने कुछ चुने हुए विदेशी पत्रकारों को तिब्बत की राजधानी ल्हासा की सैर कराई और यह विस्तार से समझाया कि अगले दलाई लामा का निर्वाचन कैसे होगा? हाओ ने कहा कि तिब्बत में सारे लामाओं को खासकर दलाई लामा और पंचेन लामा को ‘लिविंग बुद्धाज’ अर्थात जीवित बुद्ध कहते हैं। हम चीन के इतिहास को झुठला नहीं सकते हैं। जिस प्रकार पहले दलाई लामा और पंचेन लामा का निर्वाचन होता था उसी तरह आगे भी होगा।

पंचेन लामा दलाई लामा के बाद तिब्बत के सबसे बड़े धर्म गुरु हैं। साधारणत: पंचेन लामा का निर्वाचन बौद्धिक धार्मिक रीति से किया जाता है। वर्तमान दलाई लामा ने ‘गेधुन चोईकी नीमी’ नाम के एक बच्चे को पुर्नजन्म के नियमों के अनुसार पंचेन लामा नियुक्त किया था। परंतु चीनी सरकार के सिपाहियों ने 1995 में उसका अपहरण कर लिया। तब से आज तक इस बात का पता नहीं लगा है कि दलाई लामा द्वारा निर्वाचित पंचेन लामा आखिर गया कहां?

कई बार विदेशी संवाददाताओं ने चीनी सरकार के प्रतिनिधियों के समक्ष यह प्रश्न उठाया, परंतु हर बार चीनी सरकार के प्रवक्ता चुप लगा गए। इसके विपरीत चीनी सरकार ने 1995 में एक अनजान लड़के को जिसका नाम ‘गसिन नोरबु’ है, तिब्बत का 11वां पंचेन लामा नियुक्त कर दिया। वह इन दिनों तिब्बत के ‘ताशिलहुनपो’ मठ में रह रहा है।

तिब्बत ऑटोनोमस रीजन के उप प्रधान हाओ पेंग ने कहा कि जब चीन में ‘क्विंग’ राजघराने का राज था उसी समय ‘मंचू राजाओं’ ने दलाई लामा और पंचेन लामा के चयन के लिए एक प्रथा चलाई थी कि राज महल में एक सोने का घड़ा रखा जाएगा जिसमें तिब्बत के विभिन्न क्षेत्रों के कुछ बच्चों का नाम लिखकर रख दिया जाएगा। 
तिब्बत के ही एक बच्चे को उस घड़े में रखे हुए एक कागज को निकालना होगा, जिसका नाम निकल गया वही दलाई लामा होगा और पंचेन लामा का निर्वाचन भी इसी तरह होगा। दलाई लामा और उनके अनुयायियों का कहना है कि यह सरासर झूठ है। दलाई लामा का चुनाव सदियों से चली आ रही पुर्नजन्म की पुरानी बौद्ध पद्धति से होना चाहिए।

चीन की साम्यवादी सरकार का यह कहना है कि यह पुर्नजन्म का सिद्धांत बिल्कुल ढकोसला और बकवास है। दलाई लामा वही होगा जिसे चीन की सरकार चुनेगी। दलाई लामा का कहना है कि लोग तिब्बत की स्वायत्तता की मांग करें। इस पर ध्यान नहीं दें कि अगला दलाई लामा कौन होगा? अभी वे स्वस्थ हैं और बहुत दिनों तक जीवित रहेंगे। उनकी मृत्यु के बाद धर्मशाला में रह रहे बौद्ध धार्मिक गुरु तय करेंगे कि अगला दलाई लामा कौन होगा। 

लेखक पूर्व सांसद और पूर्व राजदूत हैं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कैसे चुना जाएगा अगला दलाई लामा