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शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार न रुका तो खत्म हो जाएगा सिस्टम

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर दाखिल एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यदि अध्यापकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार जारी रहा तो पूरा सिस्टम ही खत्म हो जाएगा क्योंकि शिक्षा जनतंत्र की रीढ़ होती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने फील्ड मार्शल जनरल मानेकशा इंटरमीडिएट कॉलेज नौतन हथियागढ़, देवरिया के अध्यापक शंभूशरण शुक्ल की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।


इस विद्यालय में केवल 152 छात्र हैं और वहाँ अध्यापकों एवं कर्मचारियों के कुल 29 पद हैं लेकिन कुल 76 लोगों को वेतन दिया जा रहा है। इसे लेकर जनहित याचिका दायर हुई थी, जिसपर न्यायालय ने शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को जाँच का आदेश दिया था। जाँच में सरकारी धन की लूट का खुलासा होने के बाद प्रमुख सचिव ने एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बाद एक अध्यापक की ओर से याचिका दायर हुई, जो खारिज हो गई और इसी के साथ प्रमुख सचिव की रिपोर्ट भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई। न्यायालय ने प्रमुख सचिव की रिपोर्ट पर कार्रवाई का निर्देश दिया तो उसके विरुद्ध विशेष अपील दाखिल कर दी गई। दो जजों की खंडपीठ ने पूर्व आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके बाद एक अध्यापक ने सेवानिवृत्ति के बाद सेवाजनित परिलाभों के लिए यह याचिका दायर की। न्यायालय ने उक्त आदेश के साथ मामले को विशेष अपील की सुनवाई कर रही खंडपीठ के समक्ष संदर्भित कर दिया।

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  • Web Title:शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार से खत्म हो जाएगा सिस्टम