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भ्रष्टाचार के आरोपों ने ले ली एशियाड दावेदारी की बलि

भ्रष्टाचार के आरोपों ने ले ली एशियाड दावेदारी की बलि

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों ने आखिर 2019 के लिए एशियाई खेलों के लिए भारत की दावेदारी की बलि ले ली है।

सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों पर रोजाना लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए 2019 के एशियाई खेलों के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के आवेदन को खारिज कर दिया। खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों के लिए आईओए के 15 करोड़ रुपए के लिए आवेदन को निरस्त कर दिया। आईओए इस राशि का इस्तेमाल एशियाई खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए अपने अभियान पर इस्तेमाल करता।

एशियाई ओलंपिक परिषद ने 2018 में होने वाले एशियाई खेलों को एक वर्ष के लिए स्थगित किया है इसलिए ये खेल 2019 में आयोजित हो रहे हैं। इस वर्ष के एशियाई खेलों का आयोजन चीन के ग्वांगझू में 12 से 27 नवंबर तक होना है। सरकार राष्ट्रमंडल खेलों पर लग रहे आरोपों को लेकर खासी चिंतित है। राष्ट्रमंडल खेलों का बजट अधिकत्तर परियोजनाओं में विलंब के कारण 17 गुणा अधिक पहुंच चुका है।

राज्यसभा में खेल मंत्री एमएस गिल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 2003 में 655 करोड़ रुपए का बजट बताया गया था लेकिन यह अब 11494 करोड़ रुपए पहुंच चुका है। राष्ट्रमंडल खेलों के सबसे बड़े आलोचक पूर्व केन्द्रीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर का तो यहां तक कहना है कि इन खेलों का बजट 35000 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच चुका है।

भारत 1951 और 1982 में एशियाई खेलों का आयोजन कर चुका है। एशियाई खेलों के आयोजन के 28 वर्ष बाद जाकर वह पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कर रहा है।

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