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शुद्ध पेयजल की उपलब्धता मानवाधिकार

बिहार सरकार ने पेयजल स्वच्छता नीति के प्रारूप में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को मानवाधिकार मान लिया है। लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने रविवार की रात कहा कि इस नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसमें 'पेयजल सबके लिए सदा के लिए' का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि नई पेयजल नीति की घोषणा राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद शीघ्र कर दी जाएगी।
चौबे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने भी बिहार के पेयजल सह स्वच्छता नीति के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है और अन्य राज्य भी इस तर्ज पर अपनी पेयजल नीति तैयार करने की पहल कर रहे है।

उन्होंने कहा कि राज्य में चलाए जा रहे लोहिया स्वच्छता योजना के तहत पिछले साढ़े चार वर्षों में 22 लाख परिवारों के लिए शौचालय उपलब्ध करा दिए गए है।

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