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कोर्ट ने हड़तालियों से मांगा जवाब

पटना हाईकोर्ट ने तीन हड़ताली कर्मचारी यूनियनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही राज्य सरकार को भी अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चन्द्रमौली कुमार प्रसाद तथा न्यायमूर्ति श्याम किशोर शर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को सामाजिक संगठन जन चौकीदार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी किये।ड्ढr मामले पर फिर चार फरवरी को सुनवाई होगी। अदालत ने याचिकाकत्त्रा के वकील को हाथों-हाथ नोटिस की प्रतियां कर्मचारी यूनियनों-बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) तथा बिहार सचिवालय सेवा संघ को देने का निर्देश दिया।ड्ढr ड्ढr याचिकाकर्ता के वकील अरविन्द कुमार की दलील थी कि छठे वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने का कानूनी अधिकार कर्मचारी यूनियनों को नहीं है। उन्होंने दलील दी कि जनता की कीमत पर कर्मचारी यूनियनों की मांगें पूरी नहीं की जानी चाहिए।ड्ढr सरकार को चाहिए कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त कर। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हड़ताल को पूरी तरह अवैध ठहराया है। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने तीनों यूनियनों को नोटिस जारी कर अगली तारीख पर जवाब देने को कहा।

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