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गंगा में गंदा पानी बहा रहीं हैं टेनरियां

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद कानपुर में चमड़े का काम करने वाली टेनरियां गंगा में गंदा पानी बहाने से बाज नही आ रही हैं।
    
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत आठ टेनरियों पर छापा मारा गया है, जिसमें एक टेनरी में ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला और वह सीधे गंगा में पानी बहाते हुए पकड़ी गई।
 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अन्य टेनरियों में हालात बहुत अच्छा नजर नहीं आया। इस टेनरी को नोटिस दे दिया गया तथा उसके पानी के नमूने को आज लखनउ स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जहां से रिपोर्ट आने के बाद इस टेनरी को सील करने की कार्रवाई की जायेंगी। वहीं, अन्य सात टेनरियों में ट्रीटमेंट प्लांट तो चलते पाये गये, लेकिन उनमें अन्य कई खामियां पायी गईं, जिसके चलते उन्हें कड़ी चेतावनी दी गयी।
    
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार टेनरियों द्वारा गंगा में गंदा पानी बहाने पर जांच अभियान अभी आगे भी जारी रहेगा और शहर में चल रही टेनरियों पर छापेमारी चलती रहेंगी।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद भी कई टेनरी मालिक अपने यहां का गंदा पानी गंगा नदी में बहा रहे हैं और सरकार के लाख कहने पर भी ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा रहे है, अगर प्लांट लगा भी है तो उसे चलाते नही हैं। ऐसी जानकारी प्रदूषण विभाग और जिला प्रशासन को लगी थी।

राधेश्याम ने बताया कि इस विषय पर कल जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जाजमउ की नार्दन टेनरी,  सुपर टेनरी,  पैसेफिक,  हाफिज सन्स,  यूनीक और अयाज टेनरी सहित आठ टेनरियों पर अचानक छापा मारा।

उन्होंने पाया कि एक टेनरी के अलावे बाकी सभी टेनरियों में ट्रीटमेंट प्लांट तो चल रहे थे,  लेकिन गंदगी बहुत थी तथा प्रदूषण के स्तर पर कई अन्य खामियां थी। उन्होंने बताया कि अयाज टेनरी में ट्रीटमेंट प्लांट बंद था और टेनरी का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में बहाया जाया रहा था।

उन्होंने बताया कि अयाज टेनरी द्वारा गंगा में बहाया जा रहे पानी के नमूने प्रदूषण विभाग ने ले लिये हैं और इन नमूनों को जांच के लिये आज लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। वहां जांच में यह पानी प्रदूषित पाये जाने पर टेनरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

    
हालांकि, शेष सात टेनरियों को कड़ी चेतावनी देते हुये निर्देश दिये गये हैं कि वह अपने यहां मौजूद भीषण गंदगी को साफ करवायें और नियमों के अनुसार काम करें,  अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।
   
उन्होंने बताया कि जिन टेनरियों में ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना व संचालन हाईकोर्ट द्वारा तय किये गये मानकों के अनुसार नहीं होगा, उन्हें सील कर दिया जायेगा और अगर किसी टेनरी संचालक ने सील तोड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने कहा कि चूंकि गंगा नदी में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और उसके लिये कहीं न कहीं टेनरी मालिक भी जिम्मेदार है। इसलिये छापेमारी की कार्रवाई चलती रहेगी।

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  • Web Title:गंगा में गंदा पानी बहा रहीं हैं टेनरियां