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बोलेरो के धक्के से पेसूकर्मी की मौत

शुक्रवार को दिन में करीब 12 बजे बेली रोड पर विद्युत भवन के सामने बेलगाम रफ्तार से जा रही बोलेरो के धक्के से पेसू कर्मचारी शशिरंजन प्रसाद की मौत हो गई। पकड़े जाने के डर से दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो को एस.पी. वर्मा रोड में छोड़ कर चालक व उस पर सवार अन्य लोग भाग निकले। सूचना मिलते ही गांधी मैदान थाने की पुलिस ने वाहन को बरामद कर यातायात थाने को सौंप दिया। शास्त्रीनगर थाने के जयप्रकाश नगर (ए.जी. कॉलोनी) निवासी शशिरंजन पेसू के बांकीपुर डिवीजन में क्लर्क थे।ड्ढr ड्ढr घटना उस समय हुई जब वे अपने बेटे प्रभाकर (15 वर्ष) के साथ घर से गांधी मैदान इलाके में स्थित दफ्तर के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। शशि (मृतक) के बड़े भाई चितरंजन प्रसाद ने बताया कि लौटने के दौरान रास्ते में आयकर गोलंबर के पास विद्युत भवन के सामने सड़क किनार मोटरसाइकिल खड़ा करके बेटे को वहीं छोड़ सड़क के दूसरी तरफ कोई सामान लाने शशिरंजन चले गये। इसी क्रम में तेज गति से आ रही बोलेरो ने जोरदार धक्का मार दिया जिससे वे थोड़ी दूर पर जा गिर। नाक और मुंह से खून निकलते देख लोगों और कोतवाली पुलिस की मदद से तत्काल शशिरंजन को पीएमसीएच भेजा गया जहां उनकी मौत हो गई। हादसे के कारण थोड़ी देर तक सड़क के एक हिस्से में यातायात प्रभावित हुआ। यातायात थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज कर बोलेरो के मालिक के बार में पता लगाया जा रहा है। ड्ढr पापा सड़क पर खड़े हो गये फिर भी ..ड्ढr पटना (का.सं.)। ‘पापा सड़क पर खड़े हो गये। आगे-पीछे रोड खाली था।.. तेज रफ्तार से आती गाड़ी के चालक ने दूर से ही देखा फिर भी ब्रक नहीं लगाया। पापा को धक्का मार दिया।. अगर बगल से भी गाड़ी ले जाता तो उनकी जान बच जाती।..’ बेली रोड पर विद्युत भवन के सामने शुक्रवार को दुर्घटना में अपने पिता शशिरंजन की मौत के चश्मदीद बेटे प्रभाकर ने परिजनों को यह जानकारी दी। रोते-रोते उसकी आंखों के आंसू सूख चुके हैं। बेलगाम ड्राइविंग ने एक ही झटके में पेसू के क्लर्क शशिरंजन की हंसती-खेलती गृहस्थी को सिसकियों में डुबो दिया। हादसे की खबर आने के बाद से ही ए.जी. कॉलोनी के जयप्रकाश नगर स्थित शशिरंजन के पैतृक घर पर महिलाओं और बच्चों के रोने-चीखने की आवाज से मुहल्ले भर का माहौल गमगीन हो गया।ड्ढr ड्ढr दो दिन पहले ही शशि के पिता व रिटायर्ड सचिवालयकर्मी मिथिला शरण सिंह (76 वर्ष) गया जिले के बेला के मेन बस्ती स्थित घर धान झड़वाने गये थे। पर तकदीर का क्रूर खेल देखिये बुढ़ापे में बेटे की अर्थी उठते देखने की विवशता आ गई। एकमात्र कमाउ सदस्य शशि की अकाल मौत के बाद उनकी दो बेटियों (जुड़वा बहनें पल्लवी रंजन व नेहा), दो बेटों और पत्नी की परवरिश और पढ़ाई-शादी आदि कैसे होगी! सभी बच्चे अभी 15 वर्ष से कम उम्र के हैं। इस यक्ष सवाल के सामने आने पर शशि के बड़े भाई चितरंजन कहते हैं ‘हमलोगों के होते कोई कमी नहीं होगी।’ चार भाईयों में शशि दूसर नंबर पर थे। बड़े भाई चितरंजन झारखंड पुलिस में जबकि दो अन्य भाई मनोज कुमार एयर फोर्स (आगरा) और राकेश कुमार सीआईएसएफ में एएसआई हैं।

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  • Web Title: बोलेरो के धक्के से पेसूकर्मी की मौत