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गांव बाघनका में पसरा सन्नाटा, मौत की खबर का इंतजार!

करीब 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित गांव बाघनका में रविवार सुबह से ही सन्नाटा पसर गया था। उत्तरकाशी में कैंटर के खाई में गिरने से मृत सभी लोग गुड़गांव के आसपास के गांवों से थे। घटना के बाद से डाक कांवड़ लेने गए एक भी युवक के मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका। आशंका जताई जा रही है कि सभी इस भयानक हादसे का शिकार हो गए।

तावडू रोड पर बसे गांव बाघनका में कैंटर की दुर्घटना की खबर मिलते ही सन्नाटा पसर गया। आसपास के लोग वहां इकट्ठा होने लगे, लेकिन घर में महिलाओं को उनके बेटे और भाईयों की मौत की भनक ना लग जाए, इसलिए ग्रामीण वहां से थोड़ी दूर आकर एक जगह बैठकर, कांवड़ लेने गए युवकों केस नाम की सूचि बनाने में जुटे थे। गांव की सरपंच कृष्णा के पति यमुना सिंह ने बताया कि 22 युवक और किशोर इसी गांव से 28 की शाम को रवाना हुए। इसके अलावा तीन खेड़की गांव के थे जबकि एक-एक पचगांव और बोहड़ा निवासी था। उन्होंने बताया कि इनमें सभी की उम्र 16-25 वर्ष के बीच थी। उन्होंने बताया कि कैंटर गुड़गांव के मोकुलवास से लिया गया था और इसमें सवार होकर गोमुख से कांवड़ लेने गए थे। इस दौरान हुए हादसे के बाद ग्रामीणों को यह भी पता नहीं था कि आखिरकार उनके घरों के चिराग फिलहाल कहां हैं। हालांकि, किसी के मोबाइल फोन पर संपर्क ना होना, इस बात का अंदेशा है कि उनमें से अधिकतर की मौत हो चुकी है। उत्तरकाशी के डबरानी इलाके में कैँटर के खाई में गिरने से हुई मौत की भनक तो मिल गई थी, लेकिन अपने सगे को देखने के लिए 50-60 लोग घटनास्थल के लिए सुबह ही रवाना हो गए।

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