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बारिश की रफ्तार से थमी जिंदगी

तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश से शहर का सत्यानाश हो गया! बारिश की रफ्तार ने जिंदगी थाम दी। शहर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। चाहकर भी लोग दिनचर्या शुरू नहीं कर पाए। नीचे में बसी कालोनियों के लोग घरों में घुसे पानी को रातभर निकालते रहे। संसाधनशुदा जो लोग गाड़ी लेकर निकले, टूटी सड़कों के मकड़जाल में फंस गए। जिन्होंने यह जुर्रत की, शहर के किसी कौने में उनकी कार एकत्रित पानी में बंद दिखाई दी। हालात ऐसे थे कि छुट्टी के दिन रविवार को परिवारजन घरों में कैद रहे।
पानी निकासी की नाकाफी नगर निगम की व्यवस्था ने भी लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। मार्केट में दोपहर तक सड़कों का पानी नहीं निकल पाया। शहर की मुख्य सड़कें भी लबलबा भरी थी। जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। गंदगी से अटे नाले पानी का दबाव नहीं सहन कर पाए। गौंछी ड्रेन में पानी ओवरफ्लो हो गया। शहर के बाकी नाले भी पानी नहीं खींच पाए। निगम मुख्यालय के सामने नीलम चौक से बीके चौक तक सड़क पानी से लबालब भी। नाक के नीचे एकत्रित यह पानी निगम की नाकाम सीवरेज व्यवस्था को नाक चिढ़ा रहा था। सड़कों का बुरा हाल हो गया। गड्ढों में तबदील सड़कें राहगीरों की परेशानी का सबब बनी। दोपहिया वाहन को इन गड्ढों ने शिकार बनाया। चोटिल लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। वहीं कुछ लोग बंद होने के बाद वाहनों को खींचते नजर आए। शनिवार को विधायक आनंद कौशिक ने उपायुक्त प्रवीण कुमार, नगर निगम तथा हुडा के अफसरों के साथ दौरा किया। अलग बात है अपेक्षित राहत लोगों को अफसर तुरंत नहीं दिलवा पाए। बल्लभगढ़, डबुआ कालोनी, जनता कालोनी, सोहना रोड, एनआईटी, सेक्टरों में अमला घूमा। डिस्पोजलों पर बंद पड़ी मोटरों को चलाने के लिए बिजली नहीं थी। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। बारिश से लाइन में आई खराबी के चलते बिजली विभाग भी निगम अफसरों की हर जगह सहायता नहीं कर पाया। बदहवास अफसर शहर में भागते रहे।
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बिजली से प्रभावित हो रही पानी निकासी
बिजली कटौती से पानी निकासी प्रभावित हो रही है। प्रतापगढ़ का डिस्पोल दो दिन से बिजली के बिना कम चल पा रहा है। 24 में से मात्र चार पांच घंटे ही इसको चलाया जा रहा है। सोहना रोड के निर्माण के चलते गौंछी ड्रेन को भी बांध लगाकर बंद किया हुआ है। इन दो मुख्य कारणों के चलते पानी शहर से नहीं निकल पा रहा है। डिस्पोल पर पंप बंद होने से सीवर ओफरफ्लोव हो रहे हैं। गौंछी पर लगे बांध से पानी नहीं बह पा रहा है। बांध काटने में जेसीबी मशीन लगाई। वो कामयाब नहीं हुई। अब बड़ी मशीन को मंगवाया गया है। इस अव्यवस्था की रिपोर्ट चण्डीगढ़ तक पहुंच गई है। बावजूद इसके डिस्पोजल को बिजली नहीं दी जा रही। कई पंपों के बीच डिस्पोजल पर एक जनरेटर है। वो भी खराब पड़ा है।
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नगर निगम के एसई डीसी साहू: डिस्पोजल न चलने की वजह से शहर में जलभराव की समस्या बनी है। सोहना निर्माण की वजह से गौंछी ड्रेन को बंद कर दिया। निर्माण कंपनी ने वहां बांध लगा। जिसको अब मशीन से काटा जा रहा है। अब जल्द ही पानी शहर से बाहर हो जाएगा।

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