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‘भारत विरोधी कैंपों को बंद करे पाक’

पाकिस्तानी सीमा में चल रहे तालिबानी कैंपों को बंद करवाना अमेरिकी प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा है कि पाकिस्तान कबायली इलाकों में भारत के खिलाफ प्रयोग करने के लिए चल रहे आतंकवादी कैंपों को बिना किसी पूर्व मान्यता के बंद करे। दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ ब्रूस रिडेल ने कहा है कि अमेरिका को पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों जगह चल रही नकारात्मक सोच को खत्म करना होगा। रिडल ने कहा कि दक्षिण एशिया के लिए नियुक्त विशेष दूत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है पाकिस्तान में चल रहे कैंपों को बंद करवाना, और इससे भी बड़ी चुनौती है पाकिस्तान सरकार की अनुमति के बिना वहां सैनिक कार्रवाई करना। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना इस मसले पर दो मत रखती है। पाकिस्तानी सेना का एक वर्ग ऐसा है जो कबायली क्षेत्र में उन्हीं के द्वारा चलाए जाने वाले शासन को उचित मानता है। पाकिस्तान ने हमेशा इस इलाके को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लड़ाके तैयार करने के लिए प्रयुक्त किया है। लेकिन आतंक विरोधी मुहिम में पाकिस्तान ने खुद उस इलाके में अपना नियंत्रण खो दिया है। यही भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में अमेरिकी हमले से कुछ लाभ अवश्य हुआ है लेकिन इसका कमजोर पक्ष यह है कि इससे उनका पाकिस्तानी नागरिकों के बीच आधार भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जनता मानती है कि उसकी आंतरिक समस्या के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार अमेरिका है, उसके बाद भारत का नंबर आता है और तीसरे नंबर पर अलकायदा है।

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