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शवदाह गृह निर्माण में भी घपला

झारखंड के विकास के नुमाइंदे शवदाह गृहों के निर्माण में भी गोलमाल करने से बाज नहीं आये। हाारीबाग, मेदिनीनगर, जमशेदपुर एवं बासुकीनाथ में शवदाह गृहों के निर्माण के लिये डीपीआर तैयार कराये गये हैं। रांची के केतकी कंसट्रक्शन को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया था। नगर विकास विभाग को जो डीपीआर सौंपी गयी है, उसमें एकरूपता पायी गयी है। विभाग के टेक्िनकल सेल ने डीपीआर में कई त्रुटियां पायी हैं। जमशेदपुर, हाारीबाग एवं बासुकीनाथ के लिये तैयार डीपीआर एक-दूसर की छायाप्रति है।ड्ढr डीपीआर की छायाप्रति कंसल्टेंट ने दी है या नगर निकायों के पदाधिकारियों ने इसकी जांच करायी जा रही है। नगर विकास सचिव शैलेश कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। उप सचिव नरश कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में अवर सचिव सुधीर कुमार रांन एवं टेक्िनकल सेल के कार्यपालक अभियंता सुरन्द्र कुमार सिंह सदस्य बनाये गये हैं। समिति को कंसल्टेंट फीस के भुगतान की भी जांच का आदेश दिया गया है। इससे पता चल पायेगा कि कंसल्टेंट ने एक ही डीपीआर पर अलग-अलग फीस प्राप्त कर लिया है या नगर निकायों के अधिकारियों ने ऐसा किया है।ड्ढr हाारीबाग नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी देवेंद्र कुमार के अनुसार कंसल्टेंट को डीपीआर के लिये तीन लाख हाार 440 रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने प्रोजेक्ट की लागत चार करोड़ रुपये बतायी है। मेदिनीनगर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी मदन मोहन सिंह ने कहा कि डीपीआर पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकाल में तैयार कराया गया है। पहले यहां अजय कुमार कार्यपालक पदाधिकारी थे, जिनकी सेवा कृषि विभाग को लौटा दी है।

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