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अभी खुल सकते हैं कई बड़े घोटाले

भारतीय पूंजी बाजार अभी सत्यम के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पाया कि ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग दिग्गज क्रेडिट सुइज ने एक और धमाके की जमीन तैयार कर दी है। इस बार उंगली किसी एक कंपनी की तरफ नहीं कई बड़े खिलाड़ियों जसे यूनीटेक, डीएलएफ, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, पाश्र्वनाथ और शोभा डेवलपर पर उठी है। क्रेडिट सुइज का कहना है कि इन कंपनियों में कारपोरट गवर्नेस और एकाउंटिंग से जुड़े कई तरह के झोल हैं। इनमें पारदर्शिता नहीं है। क्रेडिट सुइज की ‘कारपोरट हैंडबुक’ रिपोर्ट में विश्लेषकों ने कहा है कि बाजार में तेज गिरावट व आर्थिक मंदी के कारण होने वाले नुकसान को तोड़-मरोड़ कर किताबों में दिखाया जा रहा है। विशेष रूप से डीएलएफ व यूनीटेक का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में लिखा गया है कि उनकी सैकड़ों छोटी-छोटी सहयोगी कंपनियां, कई असूचीबद्ध संयुक्त उद्यम, पार्टनरशिप फर्म व मैनेजमेंट के नियंत्रणवाली विभिन्न कंपनियां हैं। इनका पूरा नेटवर्क एक तरह का जाल है जिसमें पारदर्शिता की कमी है। डीएलएफ पर रिपोर्ट कहती है, कंपनी के पास बैलेंस शीट में काफी सारी प्रॉपर्टी और साख है लेकिन पारंपरिक एकाउंटिंग शैली से उसमें काफी भिन्नता है। कंपनी नियमित रूप से प्रमुख सहयोगी कंपनियों और मैटीरियल संबंधी पार्टी ट्रांजेक्शन पर विस्तृत विवरण नहीं देती है। प्रमोटर के पास कई निजी कंपनियां हैं जिनसे डीएलएफ जमीन खरीदती है। डीएलएफ की प्रमुख संबंधित पार्टियों में 245 सहयोगी कंपनियां, 12 पार्टनरशिप फर्म, 12 संयुक्त उद्यम तथा मैनेजमेंट के खास व्यक्ितयों के नियंत्रण में 124 कंपनियां हैं। मार्च 2008 में प्रमोटर की कंपनियों से कंपनी को कुल 10 करोड़ की बकाया राशि मिलनी थी। वित्त वर्ष 08 में डीएलएफ ने 5560 करोड़ की एसेट और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट प्रमोटर के नियंत्रण वाली कंपनी डीएलएफ एसेट्स को बेचे। रिपोर्ट कहती है, यूनीटेक भी डीएलफ की राह पर है। वो भी डेरिवेटिव और अन्य फाइनेंशियल मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में सक्रियता से डील नहीं करती। दोनों कंपनियां निर्माण के दौरान हासिल परसेंटेा रिवेन्यू को कैश बकाया होने पर भी किताबों में दिखाती हैं। साथ ही प्रोजेक्ट के दौरान ब्याज का खर्च गिनती हैं। यूनीटेक में शामिल प्रमुख पार्टियों में एक सूचीबद्ध कंपनी यूनीटेक कारपोरट पाक्र्स तथा असूचीबद्ध यूनीटेक वायरलेस, 316 सहायक कंपनियां, 21 संयुक्त उद्यम तथा सहयोगी व मैनेजमेंट के प्रमुख व्यक्ित के नियंत्रण वाली 4 कपनियां हैं।ं

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