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पंचायतीराज विभाग उधार पर टिका है

लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए सालाना बजट वाला प्रदेश का पंचायतीराज विभाग और निदेशालय उधार के अधिकारियों के भरोसे चल रहा है। एसे में देर-सबेर विभाग का पूरा ढाँचा ही चरमरा जाए तो हैरानी नहीं होगी।ड्ढr पौने दो साल में भी सरकार पंचायतीराज विभाग का पूर्णकालिक निदेशक नहीं तलाश पाई है। खनिज विभाग के निदेशक राम बोध मौर्य के पास इस विभाग का अतिरिक्त कार्यभार है। निदेशालय में अपर निदेशक का पद चार माह से रिक्त चल रहा है। इस पद से जुड़ा प्रशासन का पूरा काम उपनिदेशक के सहारे निपट रहा है। निदेशालय में नियुक्त एक मात्र संयुक्त निदेशक इस समय निलम्बित चल रहे हैं और उन्हें न्यायालय से स्टे मिल चुका है मगर उनका कार्य एक ऐसे उपनिदेशक को सौंप दिया गया है जिनके पास पहले से ही लखनऊ मण्डल के उपनिदेशक तथा शासन में सम्पूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के दायित्व हैं।ड्ढr मण्डल और जिला स्तर पर भी विभाग की बुरी हालत है। 16 मण्डलीय अधिकारयों में से केवल आठ मण्डलों में उपनिदेशक नियुक्त हैं। बाकी सब प्रभार पर हैं। बैकलॉग में उपनिदेशक के दो पद अनुसूचित जाति के लिए रिक्त है। एक पद के लिए लगभग पाँच माह पूर्व डीपीसी भी हो चुकी है मगर अभी तक पदोन्नति के आदेश जारी नहीं हुए हैं। जिला पंचायतराज अधिकारियों की स्थिति यह है कि केवल 35 जिलों में लोकसेवा आयोग से चुनकर आए डीपीआरओ नियुक्त हैं जबकि शेष आधे प्रदेश में प्रभारी डीपीआरओ नियुक्त हैं। यानि ये भी उधार के हैं। इसी तरह जिला पंचायतों में अपर मुख्य अधिकारियों के पदों में से केवल लगभग 20 प्रतिशत पदों पर ही नियमित अधिकारी तैनात हैं। इनमें से काफी रिटायरमेंट की ओर बढ़ रहे हैं जबकि बाकी सभी अधिकारी प्रभारी हैं। प्रत्येक जिला पंचायत को हर साल 10 से 15 करोड़ रुपए की धनराशि सरकार द्वारा दी जाती है।ड्ढr मामला इतने पर ही खत्म नहीं होता। भारत सरकार की बीआरजीएफ जैसी महत्वपूर्ण योजना में भी इस समय पूर्णकालिक परियोजना निदेशक नहीं है। जबकि यह योजना वैसे ही एक साल पीछे चल रही है। योजना के तहत उत्तर प्रदेश को हर साल 700 करोड़ रुपए मिलते हैं।ड्ढr प्रदेश सरकार के शासनादेश के अनुसार बीआरजीएफ के परियोजना निदेशक पद पर 12,000-16,500 रुपए वेतनमान वाला (संयुक्त निदेशक स्तर का) अधिकारी तैनात किया जाना चाहिए मगर यहाँ भी उधार का अधिकारी तैनात है। ड्ढr ललितपुर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को अपने पद के साथ-साथ इस पद का प्रभार सौंपा गया है।ड्ढr

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