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रिन्दों के कारिन्दों की जिंदगी बख्शीश पर

मयखाना (मॉडल शाप) उनसे ही गुलजार होता है! वह कभी साकी ..कभी गायक..तबला वादक तो कभी वेटर की भूमिका में होते हैं। बदले में उन्हें मिलती हैं चन्द रुपयों की ‘टिप’! जिससे चलती है, उनकी जिन्दगी। रिन्दों के कारिंद की पहचान रखने वाले तकरीबन चार सौ नौजवान मयखानों के मालिकों से परशान हैं। इनका आरोप है कि मालिक उन्हें प्रताड़ित करते हैं। वेतन देते नहीं ऊपर से टिप में मिले रुपयों में से भी हिस्सा माँगते हैं। वेटरों की शिकायत पर उपश्रमायुक्त आरबी लाल ने जाँच के आदेश दिये हैं जिस पर पड़ताल शुरू हो गई है।ड्ढr मॉडल शाप के तकरीबन 100 से अधिक वेटरों ने उपश्रमायुक्त, पुलिस महानिदेशक और राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजे गए शिकायती पत्र में उत्पीड़न की दास्तान सुनाई है। अनित बाजपेयी, देव नारायण सिंह, संतोष दीक्षित ने बताया कि नवल किशोर रोड स्थित मॉडल शाप के मालिक ने उन्हें दो हाार रुपया महीने के वेतन पर नौकरी दी थी। एक महीने बाद ही वेतन बंद कर दिया गया। इसके बाद से वह बेहतर सेवा देकर उपभोक्ताओं से कुछ टिप हासिल कर लेते थे जिससे किसी तरह जीवन यापन हो रहा था। अब शाप मालिक ने मारपीट कर उसमें भी हिस्सा माँगना शुरू कर दिया है। शिकायती पत्र में वेटरों ने अपनी समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया है।ड्ढr उपश्रमायुक्त आरबी लाल का कहना है कि उन्हें शिकायतें मिली हैं। श्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह जाँच करं। एक हफ्ते के अन्दर जाँच रिपोर्ट सौंपी जाए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। श्री लाल का कहना है कि किसी मॉडल शॉप मालिक को वेटर को न्यूनतम वेतन देना होगा। इससे कम वेतन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title: रिन्दों के कारिन्दों की जिंदगी बख्शीश पर