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5 जून, 2020|5:45|IST

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खत्म हो सकती हैं बीसीसीआई को मिली कर रियायतें

अपने कल्याणकारी चरित्र को छोड़ व्यावसायिक लाभ के लिए काम करना भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने से उसकी कर रियायतें खत्म हो सकती हैं।

आयकर विभाग ने अपनी एक पुस्तक 'लेट अस शेयर' में आम आदमी को विभाग की जांच एवं निर्णय करने वाली प्रणाली से अवगत कराया गया है। हालांकि इस पुस्तक में बीसीसीआई का नाम नहीं लिया गया है। पुस्तक में एबीसी नाम के एक संगठन की कहानी लिखी गई है, जिसने मीडिया अधिकार बेचने के लिए एक कंपनी से गठबंधन किया है।

एबीसी और पीक्यूआर के बीच मीडिया अधिकारों को लेकर हुए समझौते का आधार व्यावसायिक लाभ कमाना है।
आयकर विभाग के उच्च अधिकारियों ने यह पुष्टि की है कि पन्नों में देश के शीर्ष क्रिकेट निकाय के वित्तीय सौदों की जांच के बारे में चर्चा की गई है।

वित्त राज्यमंत्री एसएस पलानिमणिक्कम ने इस साल की शुरुआत में राज्यसभा को सूचित किया था, वर्ष 2007-08 के लिए कर छूटों को खत्म कर दिया गया, क्योंकि देखा गया है कि बीसीसीआई कल्याणकारी गतिविधियों के तौर पर क्रिकेट को प्रोत्साहन देने वाला निकाय नहीं रह गया और वह प्रमुख तौर पर अब एक व्यावसायिक निकाय है।

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