अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लालू की पारी पूरी, अब मेरी बारी: पासवान

ेन्द्रीय उर्वरक व रसायन मंत्री तथा लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान का मानना है कि अब बिहार में उनकी बारी है। बिहार की जनता ने लालू-राबड़ी के कुशासन के साथ ही नीतीश कुमार के कथित सुशासन को भी देख लिया है। उन्होंने कहा कि अब वे बिहार का नेतृत्व करना चाहते हैं। यूपीए को बिहार में सत्ता दिलाने की क्षमता उन्हीं में है। उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सीधे चुनौती देते कहा कि वर्ष 2004 के लोकसभा और 2005 के विधानसभा चुनाव में यूपीए का नेतृत्व किसने किया था। लालू प्रसाद अपनी पारी खेल चुके हैं। अगर देश ने मौका दिया तो यह समय उनका है। ऐसा कह कर उन्होंने अपने को प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल कर लिया है। उन्होंने प्रस्तावित गठबंधन में राजद को अपना कनीय पार्टनर बताते हुए कहा कि कांग्रेस को उनकी पार्टी लोजपा से पहले गठबंधन करना चाहिए। यह समय की मांग भी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरीय नेताओं से उनकी चार दौर की बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में 14 प्रतिशत मत हासिल कर मजबूत स्थिति में रही थी। तब उनकी पार्टी केवल भाकपा के साथ गठाोड़ कर यूपीए और एनडीए दोनों के खिलाफ लड़ी थी। चुनाव में उनकी पार्टी को केवल 10 सीटों पर सफलता मिली थी। लोजपा और यूपीए के बीच मतों के विभाजन का ही नतीजा रहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को 244 सदस्यीय विधानसभा में 143 सीटें मिल पायी। इसी प्रकार वर्ष 1और 2004 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने समीकरण के आधार पर एनडीए और यूपीए की जीत सुनिश्चित की थी। अगर लोजपा यूपीए के साथ नहीं रहती है तो बिहार की 40 लोकसभाई सीटों में से अधिसंख्य पर जीत सुनिश्चित करना यूपीए के लिए मुश्किल होगा। उन्हें 20 लोकसभाई सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची दी गई है। मगर राजद उन्हें 12 से अधिक सीट देने के पक्ष में नहीं है। सबको मालूम है कि बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का एकमात्र विकल्प रामविलास पासवान ही है। खबर यह है कि लोजपा की सूची में फिल्म निर्देशक प्रकाश झा भी शामिल हैं। झा को बेतिया लोकसभा सीट से उतारने की तैयारी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लालू की पारी पूरी, अब मेरी बारी: पासवान