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समय से निर्माण कार्य पूरा होना है मुश्किल

दिल्ली विश्वविद्यालय में बढ़ी सीटें नए सत्र को प्रभावित कर सकती हैं। गौरतलब है कि डीयू में इस बार पांच हजार सीटों का इजाफा हुआ है। प्रमुख समस्या ये है कि सीटें तो इस सत्र से बढ़ गई हैं पर सीटों को बढा़ने की वजह से होने वाले निर्माण का समय पर पूरा होना काफी मुश्किल लग रहा है। कॉलेजों में 21 जुलाई से सत्र शुरू हो रहा है, पर निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है और इसके इस सत्र से पहले बनने की संभावना कम ही है।

किरोड़ीमल कॉलेज में दो मंजिल और बनाई जा रही है। पहली मंजिल तो फिर भी इस सत्र से पहले शुरू हो सकती है पर दूसरी मंजिल इस सत्र के शुरू होते बन पाना तकरीबन मुकिश्कल है। दयाल सिंह कॉलेज का भी कुछ यही हाल है।

कॉलेज में निर्माण कार्य चल रहा है पर सत्र शुरू होने से पहले कार्य खत्म नहीं हो पाएगा। जानकारी के अनुसार कॉलेज का बस एक विंग ही तैयार हो पाएगा, वह भी एक महीने में। शेष काम में तीन महीने का समय लग सकता है। कॉलेजों के काम की चाल को सुस्त देखकर लग रहा है कि कॉलेज अपने नए छात्रों का स्वागत निर्माण कार्य की तोड़फोड़ के बीच करेगा।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि छात्रों की पढ़ाई निर्माण कार्य के शोर के बीच कैसे होगी? कॉलेजों के पास इस का कोई उपाय नहीं है। सभी का कहना है कि छात्रों को थोड़े समय ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा। जितना जल्दी होगा काम को  खत्म करने की कोशिश की जाएगी। लेकिन यह तय है सत्र शुरू होते आने वाले छात्रों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ेगा।

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