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हेडली से मिले सुरागों पर कार्रवाई करेगा पाक

हेडली से मिले सुरागों पर कार्रवाई करेगा पाक

भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से यह आश्वासन हासिल किया कि वह पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली से मिले सुरागों पर कार्रवाई करेगा ताकि मुंबई हमलों के पीछे की साजिश पर से पर्दा उठाया जा सके, वहीं दोनों देश बातचीत जारी रखने पर भी सहमत हुए।

देश मंत्री एसएम कृष्णा और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच दिन भर चली चर्चा के बाद यह घोषणा की गई कि दोनों मंत्रियों के बीच निकट भविष्य में अगली बैठक भारत में होगी। यह साफ हो गया है कि बेबाक, स्पष्ट और ईमानदारी भरी चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी सुपरिचित चिंताओं यानी भारत ने आतंकवाद से जुड़ी चिंता और पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।

बातचीत लंबी चलने के बाद कई घंटे विलंब से हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दोनों मंत्रियों ने अपना लहजा सकारात्मक बनाए रखा लेकिन इसमें तीखे मतभेद, विशेषकर जम्मू कश्मीर पर मतभेद छुप नहीं पाए।

चालीस मिनट चले संवाददाता सम्मेलन के दौरान ऐसे कई नाजुक मौके आए जब दोनों मंत्रियों से लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के भारत विरोधी भड़काऊ बयानों और कश्मीर घाटी में छाई अशांति के बारे में पूछा गया। जब हाफिज सईद के मुंबई जैसे हमले दोहराने की खुलेआम धमकी के बारे कुरैशी से पूछा गया तो उन्होंने पलट कर भारतीय गह सचिव जीके पिल्लई के बातचीत की पूर्व संध्या पर दिए बयान पर एतराज जताया। पिल्लई ने कहा था कि हेडली ने पूछताछ करने वालों के समक्ष खुलासा किया है कि आईएसआई और सईद ने मुंबई के आतंकवादी हमलों की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कहीं अधिक बड़ी भूमिका अदा की थी।

सईद के बयानों के बारे में पूछे जाने पर कुरैशी ने कहा कि दोनों पक्षों को नकारात्मक बयानबाजी से बचना चाहिए क्योंकि इससे माहौल खराब हो सकता है। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि यह बताएं कि बातचीत शुरू होने के मौके पर भारत के गृह सचिव की टिप्पणियों से क्या मदद मिली।

कुरैशी ने कहा कि हम दोनों का यह मत है कि यह गैर-जरूरी था। कृष्णा ने मौजूदा हालात तथा कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में पूछे गए सवालों का भी पुरजोर तरीके से जवाब दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जम्मू कश्मीर में एक निर्वाचित और वैधानिक सरकार है। साथ ही, भारत में कहीं भी होने वाले मानवाधिकार उल्लंघनों से निपटने के लिए तंत्र भी है।

कुरैशी के साथ तीन दौर की बातचीत के बीच कृष्णा ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात की। इसके बाद यह संवाददाता सम्मेलन हुआ। कृष्णा शुक्रवार को भारत लौटने वाले हैं। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान हेडली से पूछताछ के आधार पर गृह मंत्री पी चिदंबरम की ओर से मुहैया कराए गए सुरागों पर गंभीरता से कदम उठाएगा।

मुंबई हमलों के संबन्ध में गिरफ्तार सात पाकिस्तानियों पर अदालतों में तेजी से मुकदमा चलाए जाने पर कुरैशी का कहना था कि भारत की तरह पाकिस्तान की अदालतें भी स्वतंत्र हैं। कुरैशी ने मुंबई हमलों के मामले में फांसी की सजा पाए कसाब का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कसाब को नहीं सौंपा जा सकता तो भारत के उन मजिस्ट्रेट और अधिकारियों के बयान की पाकिस्तान की अदालतों में जरूरत पड़ सकती है, जिन्होंने जांच के दौरान कसाब का इकबालिया बयान दर्ज किया था।

कुरैशी ने एक सवाल पर कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि इस बातचीत से कुछ नहीं निकला। विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व से यह आश्वासन मिला है कि हेडली से पूछताछ के आधार पर चिदंबरम की ओर से मुहैया कराए गए सुराग पर पाकिस्तान कदम उठाएगा ताकि आगे की छानबीन कर षडयंत्र और षड्यंत्रकारियों का पर्दाफाश हो सके।

कृष्णा को कुरैशी ने यह भी आश्वासन दिया कि डेविड हेडली से मिले सुरागों के आधार पर गृह मंत्री द्वारा पाकिस्तान को जो जानकारी मुहैया कराई गई है, उसके आधार पर पूरी तन्मयता से षड्यंत्र पर से पर्दा उठाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संभवत: यह आपसी भरोसे में इजाफा करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय होगा।

एक पाकिस्तानी पत्रकार ने बलूचिस्तान में अशांति के पीछे भारत की भूमिका को लेकर सवाल किया तो कृष्णा ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने इस संबंध में ठोस सबूत की बात तो दूर, लेशमात्र सबूत भी मुहैया नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई में शर्म अल शेख में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बैठक के दौरान भी इस बात का जिक्र हुआ था। तभी से भारत को पाकिस्तान से सबूतों का इंतजार है।

उधर, कुरैशी ने इस संबंध में कहा कि उन्होंने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया। इस पर भारतीय जवाब बहुत उत्साहजनक था कि भारत बलूचिस्तान ही नहीं, पूरे पाकिस्तान में कहीं भी अस्थिरता का पक्षधर नहीं है। विदेश मंत्री कृष्णा ने जम्मू कश्मीर में 2008-09 में सीमा पार से हुई घुसपैठ में 40 फीसदी की वृद्धि होने का जिक्र किया। इस पर कुरैशी ने माना कि इस मुद्दे पर बातचीत हुई है और पाकिस्तान की सरकार या पाकिस्तान की कोई भी खुफिया एजेंसी की नीति भारत में घुसपैठ कराना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा करते कोई पाया जाता है तो उससे सख्ती से निपटने के लिए भारत स्वतंत्र है।

कुरैशी ने महानिदेशक (सैन्य अभियान) के स्तर पर हर सप्ताह बातचीत करने और सीमा पर फ्लैग बैठकें बढ़ाने का सुझाव दिया। समयबद्ध प्रगति की बात करते हुए कुरैशी ने कहा कि हम नवंबर अंत तक इस दिशा में बढ़ सकते हैं और दिसंबर में फिर बातचीत हो सकती है। अपराह्न करीब तीन बजे निर्धारित संवाददाता सम्मेलन कई बार टलने के बाद रात नौ बजे जाकर हो पाया। एक बार कुछ ही सवालों के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री उठ गए लेकिन फिर पत्रकारों के सवालों के प्रति उत्सुकता को देखते हुए संवाददाता सम्मेलन फिर शुरू किया गया।

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