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27 फरवरी, 2020|1:19|IST

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कृष्णा ने की कुरैशी से मुलाकात, भारत की चिंता आतंकवाद

कृष्णा ने की कुरैशी से मुलाकात, भारत की चिंता आतंकवाद

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने विश्वास बहाली और द्विपक्षीय संबंधों में भरोसा बढ़ाने के मकसद से गुरुवार को मुलाकात की। भारत डेविड हेडली द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर मुंबई हमलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

तीन दिन की यात्रा पर बुधवार को पहुंचे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से मिले और माना जाता है कि दोनों ने आतंकवाद सहित द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। कृष्णा और कुरैशी के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

विदेश सचिव निरूपमा राव और विदेश मंत्रालय में पाकिस्तानी मामलों के संयुक्त सचिव प्रभारी यश सिन्हा जहां कृष्णा की टीम का हिस्सा थे, वहीं पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर और प्रवक्ता अब्दुल बासित कुरैशी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। साल 2008 में मुंबई हमलों के बाद विदेश मंत्रियों के बीच यह दूसरी बातचीत है। इससे पहले वे पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में मिले थे।

कृष्णा ने बुधवार को कहा था कि समय आ गया है, जब पाकिस्तान को पर्याप्त सबूतों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो ठोस प्रकृति के हैं और उल्लेख किया कि जिहादी नेताओं का भड़काउ भाषण दोनों देशों के बीच संबंधों को अच्छा बनाने में मददगार नहीं होगा।

यह उल्लेख करते हुए कि लश्कर कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित मुंबई हमलों के सात आरोपियों पर मुकदमा धीमी गति से चल रहा है, भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह मुकदमे में तेजी और सफल परिणाम देखना चाहेगा।

कृष्णा द्वारा हेडली मामले को महत्व देना भारतीय गृह सचिव जीके पिल्लई की टिप्पणी की पृष्ठभूमि में काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि हेडली से हुई पूछताछ में पता चला कि आईएसआई और लश्कर प्रमुख हाफिज सईद ने मुंबई हमलों में उससे भी ज्यादा भूमिका निभाई जितना कि पहले माना जा रहा था।

विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे हमारे गृहमंत्री द्वारा पिछले महीने पाकिस्तान यात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। खासकर मुंबई हमलों को लेकर डेविड हेडली से की गई पूछताछ के परिप्रेक्ष्य में हमारे गृहमंत्री द्वारा पाकिस्तान में की गई चर्चा के बारे में।

बुधवार रात दोनों विदेश मंत्रियों ने कुरैशी द्वारा आयोजित रात्रिभोज के दौरान विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्रियों द्वारा थिम्पू में अप्रैल में दी गई जिम्मेदारी के अनुरूप विदेश मंत्रियों ने पहले विश्वास की कमी को पाटने और लोगों से लोगों के संपर्क, कैदियों की अदलाबदली और द्विपक्षीय व्यापार सहित बहुत से मानवीय मुददों को लेकर भरोसे को मजबूत करने के तौर तरीकों पर चर्चा की।

कुरैशी से मुलाकात के बाद कृष्णा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मिलेंगे। स्वदेश रवाना होने से पहले विदेश मंत्री मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट, आवामी नेशनल पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

इससे पहले पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा कि बातचीत का कोई तय एजेंडा नहीं है और दोनों मंत्री कश्मीर, आतंकवाद और नदी जल बंटवारे सहित सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि कश्मीर दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है। बासित ने उम्मीद जताई कि बैठक का सकारात्मक परिणाम निकलेगा और इससे बातचीत जारी रखने का आधार तैयार होगा।

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