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सत्यम अधिग्रहण के लिए ढील दे सकती है सरकार

भारत की बाजार नियामक संस्था सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए नियमों में कुछ ढील दे सकती है। मीडिया में आई खबरों में बताया गया है कि सत्यम के महाघोटाले के बाद एक के बाद एक खुलती परतों से स्थिति और बिगड़ती ही जा रही है। ऐसे में सत्यम कंप्यूटर को खरीदने वाली कंपनियां डर रहीं हैं। इसलिए सरकार नियमों में छूट देने का मन बना रही है। सूत्र के हवाले से बताया गया है कि सत्यम के अधिग्रहण की बात उस समय बहुत ही मजबूती से सामने आई जब स्पाइस ग्रुप ने कंपनी के 51 फीसदी कंपनी के शेयर को खरीदने की इच्छा जाहिर की थी। प्रतिभूति एवं विनिमय प्राधिकरण लिमिटेड (सेबी) सरकार के द्वारा नवगठित तीन सदस्यीय बोर्ड द्वारा ऐसे प्रस्ताव पर विचार करेगा और विभिन्न कंपनियों के लिए खुला आमंत्रण देगा, जो दो हफ्ते से अधिकतम 6 माह के लिए हो सकता है। भारतीय अधिग्रहण नियम के अनुसार एक निवेशक जिसके पास कंपनी के 15 फीसदी शेयर हैं और अगर वह और 20 फीसदी शेयर खरीदना चाहता है तो पिछले छह माह के औसत शेयर मूल्य का भुगतान उसे करना होगा। सेबी प्रवक्ता ने कहा है कि सत्यम बोर्ड की बैठक सोमवार को होनी है, लेकिन उन्होंने बैठक की विवरण देने से मना कर दिया। सत्यम के शेयर जिसकी बाजार कीमत महाघोटाले से पहले 750 मिलियन डॉलर थी, अब घटकर 7 मिलियन डॉलर रह गई है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर में लगभग 8 फीसदी की उछाल दर्ज की गई थी और वह 54 रुपये पर बंद हुआ था। सरकार द्वारा गठित सत्यम के बोर्ड ने बैंकर्स को नियुक्त किया है जो कंपनी में इच्छुक निवेशकों का पता लगाएगा। खबरों में यह भी बताया जा रहा है कि भारत की वाहन क्षेत्र की बड़ी कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा जिसकी सॉफ्टवेयर कंपनी भी है सत्यम के अधिग्रहण के लिए इच्छुक है।

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  • Web Title: सत्यम अधिग्रहण के लिए नियमों में ढील!