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मांग बढ़ने से मिटेगी मंदी : प्रणब मुखर्जी

आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बैंकों की ओर से र्का बढ़ाया जाएगा। इसके लिए श्रम मूलक ऐसे चुनिंदा क्षेत्र तय किये गये हैं जिनके जरिए न सिर्फ घरेलू मांग में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि रोगार के नये अवसर भी सृजित हो सकेंगे। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से कृषि सहित पूर ग्रामीण क्षेत्र के अलावा लघु एवं मझोले उद्योग क्षेत्र, ढांचागत क्षेत्र और वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र हैं। इस बार में देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरमैनों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संवाददाताओं से बात करते हुये कहा कि अर्थव्यवस्था को सुधार की राह पर लाने के लिए फिलहाल घरलू मांग बढ़ाने पर विशेष जोर देने का फैसला किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष तौर पर श्रम मूलक उद्योगों के उत्पादों की मांग बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाएगा। पिछले दिनों रिार्व बैंक की ओर से बैंकों के र्का बढ़ाने की जरूरत पर विशेष जोर देने के बाद प्रणव मुखर्जी की यह बैठक खासी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वित्तीय संकट को ध्यान में रखते हुये रिार्व बैंक ने भी सरकारी बैंकों के र्का का लक्ष्य 20 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी कर दिया है। सरकार औद्योगिक गतिविधि को तेज करने के लिए घरलू मांग बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रही है। इससे न सिर्फ स्थापित क्षमता का पूरा उपयोग हो सकेगा बल्कि विस्तार योजनाओं का भी कार्यान्वयन संभव हो सकेगा। वैसे मंगलवार आरबीआई खुद इस मामले में आगे कदम बढ़ाते हुये लघु उद्योगों और अन्य श्रम मूलक उद्योगों को र्का बढ़ाने को लेकर अलग से बैठक करने जा रहा है।

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