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परिषद कर्मियों को पेंशन ग्रेच्युटी मिलती रहेगी

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक फैसले में उ. प.्र आवास एवं विकास परिषद के कर्मियों क ो परिषद के कानून के मुताबिक पेंशन, फैमिली पेंशन व ग्रेचुअटी का भुगतान करने की व्यवस्था को बहाल रखने का परमादेश जारी किया है और इसमें सरकारी दखल को समाप्त कर दिया है। अदालत ने इस सिलसिले में जारी 13 सितम्बर 2005 व 12 जुलाई 2007 के दो सरकारी आदेशों को रद कर दिया है।ड्ढr न्यायमूर्ति उदय कृ ष्ण धवन व न्यायमूर्ति बीए जदी की खण्डपीठ ने प्रीतम सिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका को मंजूर करते हुए कहा है कि उ प्र आवास विकास अधिनियम की धारा एफ के तहत परिषद को अपने कर्मचारियो को सेवा सम्बन्धी मामलों मे नियम बनाने का पूरा अधिकार है। इसके तहत परिषद ने कर्मचारियों के पेंशन, फैमिली पेंशन व ग्रेचुअटी की व्यवस्था की और पैसे के मामले में सरकार से कोई मदद नही ली। कर्मचारियों के पैसे से ही प्राविडेण्ट फण्ड की स्थापना की गई। बरसों पहले सरकार ने इसे मंजूरी भी दे दी।ड्ढr अदालत ने कहा है कि परिषद स्वायत्तशाषी संस्था है, वह यह सारा काम अपने पैसे से कर रही है। पीठ ने कहा है कि सिर्फ इस बिना पर कि दूसरी स्वायत्तशासी संस्थाओं या निगमों मे पेंशन की व्यवस्था नही है और सरकार सभी के लिए राज्य स्तर पर दिशा निर्देश बनाना चाहती है, सरकार परिषद के मामलो मे हस्तक्षेप नही कर सकती। परिषद वर्ष 1े नियमानुसार पेंशन आदि की व्यवस्था जारी रखने के लिए आजाद है।

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