DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गली-गली गूंजेंगी शहनाइयां

लो फिर आया शादी-ब्याह का मौसम। गली-गली गूंजेगी शहनाई। बैंड-बाजे के साथ धूम-धड़ाके से बारात निकलेगी। कहीं होटल, क्लबों में शादी की तैयारी है तो कम आय वाले आसपास के छोटे-मोटे सामुदायिक भवनों की तलाश में हैं। होटलों में बुकिंग शुरू हैं। कई होटलों में तो अभी ही मई तक की बुकिंग हो चुकी है। बड़े होटलों में रोजाना तीन या चार शादी के इंतजाम हैं। यह और बात है कि होटलों में शादी करने वालों को मोटी-तगड़ी राशि खर्च करनी होगी। इधर जिनकी शादी तय हो चुकी है वे सिर पर सेहरा बांध कर घोड़ी पर चढ़ने की तैयारी में हैं। बाबुल अपनी बिटिया को डोली में बिठा ससुराल भेजने की तैयारियों को तेजी से पूरा कर रहे हैं।ड्ढr ड्ढr पटना व बिहार से बाहर रहने वाले बिहारी मूल के लोग यहां के होटलों में शादी को तरजीह देते हैं। हालांकि होटलों में सौ बाराती व सराती लेकर भी जाएं तो बजट 1.20 लाख से 1.40 लाख रुपए तक का बैठेगा। होटल चाणक्य की बैंक्वेट बुकिंग इंचार्ज नलिनी के मुताबिक यहां हॉल बुक नहीं होता बल्कि प्रति व्यक्ित भोजन के हिसाब से चार्ज किया जाता है। यहां नॉनवेज आइटम के प्रति प्लेट का बजट 720 रुपए जबकि वेज के 660 रुपए पड़ेंगे। डेकोरशन व फूलों के अलग से चार्ज लगते हैं। होटल पाटलिपुत्र अशोक के प्रबंधक पवन वर्मा के मुताबिक नॉन वेज व वेज दोनों प्रति प्लेट 600 रुपए लगते हैं। शादी के लिए दो बड़े हॉल हैं। अभी से ही लोग शादी की निर्धारित तिथि के लिए बुकिंग करने लगे हैं। होटल मौर्या की नीलम सिंह के मुताबिक नॉनवेज के लिए 700 व टैक्स, वेज के लिए 600 व टैक्स देने पड़ेंगे।ड्ढr ड्ढr यहां पर शादी के लिए तीन हॉल हैं। दूसरी ओर बुद्धमार्ग स्थित घर-आंगन ओपेन रस्त्रां भी शादी -ब्याह के लिए लोगों की पसंद बन रहा है। यहां पर अपेक्षाकृत कम जेबें ढीली होंगी। कमल खनुजा के अनुसार प्रति प्लेट नॉनवेज पर 350 व वेज पर 300 रुपए लिये जाते हैं। दूसरी ओर सामुदायिक भवनों व घरों में कैटरिंग इनके मुकाबले काफी सस्ती है। बढ़िया कैटरर द्वारा प्रति प्लेट 250 रुपए देने पड़ेगे। वहीं पटना नगर निगम के पास महज दो सामुदायिक भवन हैं जिसके लिए काफी मारामारी होती है। यहां पर छह हजार रुपए में हॉल की बुकिंग होती है। शहर में शादी-ब्याह के लिए जगह की ऐसी कमी है कि हर मोहल्ले में दो से तीन निजी सामुदायिक भवन खड़े हो गए हैं। इनका रट भी मनमाना होता है। आठ से दस हजार रुपए तक वसूले जाते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: गली-गली गूंजेंगी शहनाइयां