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आवासीय विद्यालय: अब दाखिले के लिए होगी परीक्षा

अनुसूचित जाति और जनजाति आवासीय विद्यालयों में नामांकन के लिए छात्रों को अब टेस्ट परीक्षा देनी होगी। इन स्कूलों की 60 प्रतिशत सीटें महादलितों के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। साल में एक बार आयोजित केन्द्रीयकृत परीक्षा से अब चयन होगा। अजााजा कल्याण मंत्री जीतन राम मांझी ने इसका प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश विभाग को दिया है।ड्ढr राज्य के 50 अनुसूचित जाति और 15 अनुसूचित जनजाति आवासीय स्कूलों में नामांकन में होने वाली गड़बड़ी को दूर करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।ड्ढr ड्ढr मेधा के आधार पर नामांकन होने से उन स्कूलों में पढ़ने वाले दस हाार एक सौ छात्रों का स्तर तो ऊंचा होगा ही गरीब मेधावी छात्रों को भी कुछ कर दिखाने का मौका मिलेगा। पहले अलग-अलग स्कूलों के लिए छात्र अलग-अलग आवेदन करते थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन स्कूलों में छात्रों का नामांकन पांचवीं और आठवीं कक्षा में होगा। आगे के वर्गो में अगर रिक्ितयां होंगी तो उनके लिए भी परीक्षा आयोजित की जायेगी। सरकार अभी यह तय नहीं कर पाई है कि आगे के वर्गो में रिक्तयों के लिए परीक्षा स्कूल स्तर पर होगी या राज्य स्तर पर। राज्यस्तर पर आयोजित परीक्षा के बाद प्रकाशित मेधा सूची के आधार पर ही सभी स्कूलों के लिए छात्रों का चयन किया जायेगा। छात्रों से फर्म भरते समय ही यह पूछा जायेगा कि चयन हो जाने पर वह किस जिले के स्कूल में पढ़ना चाहेंगे। उसी आधार पर स्कूलों में मेधा सूची बनाकर भेज दी जायेगी।ं

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