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सपा ने लेफ्ट से बढ़ायी दोस्ती

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ सीट के बंटवार का मामला दलदल में फंसने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने पुराने ‘स्वाभाविक मित्र’ (वामदलों) से दोस्ती के तार जोड़ने शुरू कर दिए हैं। एटमी करार पर मनमोहन सरकार को बचाने के लिए वामदलों को ऐन मौके पर गच्चा देने के बाद सपा का यह नया पैंतरा है। सपा वाम दलों के बीच रिश्ते खत्म होने के बाद पहली बार सपा महासचिव अमर सिंह भाकपा महासचिव ए. बी. बर्धन से मिलने उनके पार्टी हेड क्वार्टर अजय भवन पहुंचे। अमर सिंह ने इस मुलाकात को नए साल की नई राजनीतिक शुरुआत की संज्ञा दी।ड्ढr ड्ढr कहा कि बर्धन साहब देश के वरिष्ठ नेता हैं, मैने उनसे नए वर्ष में नई राजनैतिक संभावनाओं पर गुफ्तगु की। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही माकपा महासचिव प्रकाश करात से भी मिलेंगे। दूसरी ओर श्री सिंह विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से भी कांग्रेस के साथ दरकते रिश्तों और यूपी में सीटों के तालमेल में आ रही हड़चनों पर बात करने गए। सपा इस बात से काफी खफा है कि कांग्रेस के कुछ नेता उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और उनके दूतों से लगातार सम्पर्क में हैं। सपा इस बात से और भी भड़की हुई है कि उत्तर प्रदेश मामलो के प्रभारी महासचिव दिग्विजय सिंह पिछले दिनों गुपचुप ढंग से उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती से दिल्ली में मुलाकात करने गए जबकि दूसरी ओर सीटों के तालमेल पर कांग्रेस की सपा से बातचीत जारी है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के मुताबिक माया- दिग्विजय मुलाकात बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र व प्रणब मुखर्जी के बीच मुलाकात के बाद हुई है। इधर बसपा के साथ वाम दलों के मोहभंग पर पर सपा नजरं गड़ाए बैठी है। भाकपा महासचिव ए. बी. बर्धन ने इस अखबार से कहा कि श्री अमर सिंह से उत्तर प्रदेश के अलावा देश की राजनीतिक स्थिति पर विचार हुआ। उन्होंने कहा कि सपा से रिश्ते खराब होने के बावजूद भविष्य में राजनीतिक तालमेल मुमकिन हो सकता है लेकिन उन्होंने आम चुनाव के पहले इस तरह के किसी तालमेल की संभावना से इंकार किया।

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