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‘सुस्त’ प्रॉपर्टी बाजार को बैंकों का ‘ऑक्सीजन’

‘सुस्त’ पड़े प्रॉपर्टी बाजार में नई जान फूंकते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने अपने होम लोन की दरों को दो महीने में ‘तीसरी बार’ गिराया है। ब्याज दरों में आई कमी से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बूम आने की आशंका एक बार फिर से बलवती होती दिख रही है। अब भारतीय स्टेट बैंक से दस लाख रुपए लोन लेने वाले हरिहर प्रसाद को 12,130 रुपए किस्त के रूप में देना होगा। जबकि नवंबर में इतनी ही रकम उधार लेने वालों को किस्त के रूप में 13,210 रुपए चुकाने पड़ते। जेब पर 1080 रुपए की यह राहत ब्याज दरों में आई कमी के कारण मिली है, जो 10 फीसदी से आठ फीसदी हो गयी है। हालांकि यह राहत मात्र एक साल के लिए मिलेगी।ड्ढr ड्ढr वहीं एचडीएफसी बैंक से नवंबर 2008 में दस साल के लिए दस लाख रुपए र्का लेने वाले अमर सिंह को किस्त के रूप में हर महीने 13,80 रुपए देने पड़ रहे थे। यदि वे फरवरी में र्का लेते तो यह राशि 13,250 रुपए हो जाती। इसका कारण ब्याज दरों में कमी है, जो नवंबर में 11.25 फीसदी थी और अब घटकर प्रतिशत है। यह फ्लोटिंग दरं हैं। हालांकि यह रट कितने दिन रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं। क्योंकि प्राइमरी लैंडिंग रट में वृद्धि होने पर ब्याज दरं बढ़ती हैं और इसमें कमी आने पर ब्याज दरों में कमी आती है। दूसरी ओर लोगों का मानना है कि यह चुनावी साल में आम लोगों को लुभाने की कोशिश भर है। एचडीएफसी बैंक में अपनी किस्त देने आए शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि यह राहत बहुत थोड़े दिनों के लिए है। एक बार चुनाव समाप्त हो जाने के बाद बैंक फिर से अपनी दरों को संशोधित कर देंगे।ड्ढr ड्ढr उधर रीयल स्टेट बाजार के जानकारों का मानना है कि राजधानी में इसका कोई खास असर नहीं होगा, क्योंकि यहां ग्लोबल मंदी का कोई असर किसी सेक्टर पर उस रूप में नहीं दिख रहा है। पाटलिपुत्र ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ संजय कुमार का कहना है कि जीवनभर की कमाई की निवेश करते वक्त आम लोग ब्याज दरों से ज्यादा निवेश की सुरक्षा पर ध्यान देते हैं।

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