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मंदी के भूत को ‘टाटा’

टाटा की फ्लैगशिप कंपनियां मंदी की मार से आहत होने के बावजूद अपने कर्मचारियों का ध्यान रखने में पीछे नहीं है। टाटा स्टील ने मुनाफा कम होने के बावजूद सबसे निचले दज्रे टी-1 ग्रेड के कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन किया है। इसके अलावा टाटा स्टील ने 375 कर्मचारी पुत्रों को सिक्युरिटी में बहाल करने का समझौता भी किया। समूह की एक अन्य कंपनी टाटा मोटर्स पिछले कई माह से काम से बैठाये गये 1200 से अधिक अस्थायी श्रमिकों को काम पर वापस बुला लिया है।ड्ढr ड्ढr टाटा स्टील में करीब 17 हाार स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का वेतन समझौता पहले ही हो चुका है। सबसे निचले दज्रे टी-1 ग्रेड के कर्मचारियों का वेतन समझौता एक जनवरी को हुआ। इसके अलावा सिक्युरिटी में 375 कर्मचारी पुत्रों की बहाली शीघ्र की जायेगी। टी-ग्रेडकर्मियों के ग्रेड रिवीजन समझौते के दौरान टाटा स्टील के चीफ ऑपरटिंग ऑफिसर (सीओओ) एचएम नेरूरकर ने कहा कि यूनियन अध्यक्ष ने आग्रह किया था कि टी-ग्रेडकर्मियों का वेतन काफी कम है। मानवता के दृष्टिकोण से इनका भी ग्रेड रिवीजन किया जाना चाहिए। प्रबंधन ने यूनियन के इस आग्रह को माना और मंदी के बावजूद ग्रेड रिवीजन किया गया। टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारी पुत्रों का नियोजन 1से बंद है।ड्ढr ड्ढr टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के नेतृत्व में सत्ता में आयी टीम ढाई वर्षो के कार्यकाल में सिस्टम ट्रेनिंग में, डिप्लोमाधारी और फार्मासिस्ट में कर्मचारी पुत्रों की बहाली कराने के बाद अब 375 कर्मचारी पुत्रों की सिक्युरिटी में बहाली कराने जा रही है। इधर, आटोमोबाइल मार्केट्र क्रैस होने के बेहद परशानी का सामना कर रही टाटा मोटर्स ने तीन फरवरी तक 1200 अस्थायी श्रमिकों को काम पर वापस बुला लिया है। ये मजदूर विगत चार माह से काम से वंचित थे और नो वर्क, नो पे पर थे। उनकी खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए टेल्को वर्कर्स यूनियन ने प्रबंधन पर दबाव बनाया और इधर बाजार में सुधार के संकेत देख कंपनी ने चालू माह में 5000 वाहन जमशेदपुर प्लांट में बनाने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा है।ड्ढr ड्ढr इसी आलोक में मजदूर काम पर वापस लिये गये हैं। यूनियन के महाासचिव चंद्रभान प्रसाद ने कहा-अगर बाजार में सुधार जारी रहा, तो सभी 3000 अस्थायी श्रमिक काम पर बुला लिये जायेंगे। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता कैप्टन पीजे सिंह ने कहा- कंपनी बाजार की मांग और उत्पादन में संतुलन बनाते हुए रणनीति अमल में ला रही है। बाजार से नये आर्डर मिले हैं और इसे देखते हुए फरवरी माह में जमशेदपुर प्लांट में 5000 से अधिक वाणिज्यिक वाहन बनाने का निर्णय लिया गया है।ं

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