DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रेलवे : मैनुअल आरक्षण नहीं

अब नहीं होगा रलवे में मैनुअल आरक्षण। मैनुअल कोटे की सभी सीटों को अब पीआरएस (पैसेंजर रिाव्रेशन सिस्टम) से जोड़ दिया जाएगा। ताकि किसी भी स्टेशन के कोटे का लाभ कहीं से भी यात्री प्राप्त कर सकें। यात्रियों की सुविधा के लिए मैनुअल कोटे को समाप्त किया जा रहा है। पूर्व मध्य रल के पांचों मंडलों में कुल 26 छोटे स्टेशनों पर मैनुअल कोटा उपलब्ध है। इन कोटे की सीटें पीआरएस सिस्टम में नहीं हैं।ड्ढr ड्ढr मैनुअल कोटे की सीटों के आरक्षण के लिए यात्री को उसी स्टेशन पर जाना होता है। इससे परशानी यह होती है कि कई बार ये सीटें खाली चली जाती हैं। जबकि उसी ट्रेन में बड़े स्टेशनों पर यात्रियों को वेटिंगलिस्ट टिकट मिलता है। एक ही ट्रेन में यात्री को वेटिंगलिस्ट का टिकट मिलता है और दूसरी ओर सीटें खाली चली जाती हैं। दूसरी परशानी यह होती है कि मैनुअल कोटे की सीटों का ब्योरा आरक्षण चार्ट में नहीं आता है। टीटीई को पता ही नहीं चलता है की मैनुअल कोटे की सीट खाली है या भरी हुई। इसके लिए टीटीई को उस स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर जानकारी लेनी होती है।ड्ढr ड्ढr किन स्टेशनों पर कितने मैनुअल कोटे की सीटें हैं अथवा वहां से कितने आरक्षण होते हैं, इसकी समीक्षा पूर्व मध्य रलवे ने शुरू कर दी है। मैनुअल कोटे वाले स्टेशनों पर पीआरएस सेवा शुरू कर दी जाएगी। जिन स्टेशनों पर आरक्षण बहुत ही कम होते हैं, वहां के कोटे को घटा-बढ़ा अथवा समाप्त किया जा सकता है। रल अधिकारी बताते हैं कि उपयोगिता के आधार पर फिर से सीटों का आवंटन किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: रेलवे : मैनुअल आरक्षण नहीं